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झूला बने तो पार्वती नदी किनारे बने दोनों प्राचीन मंदिरों में तैरकर नहीं जाना पड़ेगा
यह कथन तो सबने सुना होगा कि कभी न कभी हर किसी का खराब वक्त खत्म होकर अच्छा दिन आता है लेकिन यह कथन बसेड़ी क्षेत्र के भूतेश्वर मंदिर पर लम्बे अरसे से की जा रही लक्ष्मण झूला बनवाने की मांग को लेकर बिल्कुल सही नहीं है। क्योंकि बसेड़ी क्षेत्र की जनता एवं श्रद्धालुगण लक्ष्मण झूला बनवाने की मांग करते करते थक गए हैं और यहीं नहीं बल्कि अब तो उनकी उम्मीदें भी टूट चुकी हैं। गौरतलब है कि बसेड़ी क्षेत्र से 3 किमी दूर भूतेश्वर महादेव मंदिर का प्राचीन मंदिर है। यह स्थान पार्वती नदी के किनारे बसा हुआ है। तथा पार्वती नदी के दूसरी ओर प्राचीन पंचमुखी हनुमानजी का मंदिर है। यह दोनों मंदिर आस्था का प्रतीक है। लेकिन दोनों मंदिर के बीच पार्वती नदी बहने के कारण श्रद्धालुओं को एक मंदिर से दूसरे मंदिर नदी में तैराक करके जाना पड़ता है तो कई श्रद्धालुओं को कई किमी का सफर तय करके सड़क मार्ग द्वारा जाना पड़ता है। खास बात यह है कि श्रद्धालुओं एवं बसेड़ी क्षेत्र की जनता द्वारा कई अरसों से मांग करने के बाद भी नतीजा ढाक के तीन पात है। जिससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कहा जाता है कि प्राचीन भूतेश्वर मंदिर की उत्पत्ति श्री राम और लव-कुश की लड़ाई के समय श्रीराम ने भगवान शंकर की आराधना की थी। उस समय शंकरजी का शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ था। इस भूतेश्वर मंदिर का पुनः निर्माण विधानसभा .स. 2022 में किरनदेवी प|ी बाबूलाल वैश्य पंसारी जगनेर जिला आगरा वालों ने कराया था। इस मंदिर में वर्ष में दो बार मेला लगता है। इस भूतेश्वर महादेव मंदिर परिसर में मां दुर्गा, हनुमानजी का मंदिर, राधा-कृष्ण, राम सीता लक्ष्मण का मंदिर व मंदिर से बीचो-बीच वट वृक्ष परिसर की शोभा बढ़ा रहा है। मंदिर के पास रेलवे पुल व पार्वती नदी है तथा किनारे पर पंचमुखी हनुमानजी का मंदिर है जो अपनी अलग ही छटा बिखेर रहा है। हनुमान जयंती के दिन इस मंदिर पर कई अनुष्ठान किए जाते है तथा झांकियां सजाई जाती है। इस मंदिर में भव्य काली मां का मंदिर भी है। दोनों मंदिर पर दूरदराज एवं उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को तांता लगा रहता है। लेकिन पार्वती नदी के ऊपर लक्ष्मण झूला नहीं बनने की वजह से एक मंदिर से दूसरे मंदिर जाने के लिए श्रद्धालुओं को भारी भरकम परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बसेड़ी। पार्वती नदी के किनारे दिखाई देते दोनों मंदिर, जहां दर्शन करने के लिए नदी में से तैर कर जाना मजबूरी है।
पूर्व में भी बीजेपी सरकार के कार्यकाल में उठी मांग
सबसे बड़ी विड़ यह है कि बसेड़ी विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों द्वारा दो बार भाजपा का ही विधायक दिया है। तथा इस बार पूरे जिले मे एकमात्र सीट से ही भाजपा विधायक है। हालांकि बाद में उपचुनाव में धौलपुर सीट भाजपा के खाते में रही। लेकिन सत्ता भी भाजपा की है। लेकिन विकास की ओर देखे तो बसेड़ी विधानसभा के साथ हमेशा से ही उपेक्षा की गई है। पूर्व मेें भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान भी क्षेत्र के लोगों ने इस मांग को उठाया था तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा भी काफी प्रयास किए गए थे लेकिन 2018 तक समस्या जस की तस बनी हुई है। कुछ समय बाद विधानसभा चुनाव है। जिसमे फिर से प्रत्याशी अपनी अपनी जीत के लिए बड़े-बड़े दावे करते नजर आएंगे लेकिन लक्ष्मण झूला की मांग फिर से अधर में लटकने के आसार है।
पार्वती नदी में पहले भी हो चुकीं हैं कई मौतें
भूतेश्वर महादेव मंदिर एवं पंचमुखी हनुमान मंदिर के बीचोंबीच बहने वाली पार्वती नदी में कई श्रद्धालुओं की तैराक समय मौत हो चुकी हैं। जिससे श्रद्धालुगण एक मंदिर से दूसरे मंदिर जाने के लिए तैर कर जाने से भी डरने लगे है। तो कुछ लोग 4 किमी के सफर को सोचकर अब भी जान खतरे में डालकर नदी में तैराकी करके दूसरे मंदिर का सफर तय करते हैं। मंदिर के लिए सड़क मार्ग से जाने से धन व समय दोनों की ही बर्बादी होती है।