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स्वच्छता एप को लेकर जागरुकता नहीं इसलिए रैकिंग में पिछड़ रहा है धौलपुर

3 वर्ष पहले
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शहर को नंबर वन बनवाने के लिए नगरपरिषद ने स्वच्छता एप डाउनलोड करवाने के लिए भले ही काफी प्रचार-प्रचार किया हो, लेकिन जागरूकता नहीं होने के कारण धौलपुर रैंकिंग में पिछड़ रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण की पहली सूची में धौलपुर को 128वीं पॉजीशिन मिली है, जिससे नगरपरिषद की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

हालांकि स्वच्छता एप के माध्यम से सर्वाधिक शिकायतों का निस्तारण किया गया है, फिर भी सफाई को लेकर शहर के लोगों की उदासीनता भी इसका एक बड़ा कारण माना जा रहा है। सफाई संबंधी हर शिकायत का निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा लांच किए गए स्वच्छता एप को शहर में अभी तक केवल 1813 लोगों ने ही डाउनलोड किया है, जबकि जनगणना 2011 के अनुसार धौलपुर शहर की आबादी 1 लाख 25 हजार 99 है। यानी केवल डेढ़ फीसदी लोगों ने ही स्वच्छता एप डाउनलोड किया है। इसमें भी केवल 709 लोग ही एक्टिव हैं। यानी स्वच्छता संबंधी शिकायतों को एप पर लोड कर रहे हैं। स्वच्छता एप पर रविवार तक की स्थिति के अनुसार अब तक 1632 शिकायतें दर्ज हुईं। जिसमें से 1539 का निस्तारण हुआ। जबकि 65 शिकायतें रिजेक्ट कर दी गई हैं। बाकी पर काम चलना बताया है। रोचक यह है कि समस्या निवारण के बाद शिकायतकर्ताओं से फीडबैक भी लिया जाता है। इसमें केवल 442 लोगों ने ही संतुष्टि जताई है। जब ये हाल है तो धौलपुर स्मार्ट सिटी की दौड़ में आगे कैसे आएगा। इसके लिए शहर के स्वयंसेवी संगठनों, छात्र संगठनों और शहरवासियों को आगे आने की जरूरत है।

अभी से मोबाइल एप पर दर्ज करें अपनी-अपनी शिकायत

अगर, आपको अपने आसपास या कहीं भी गंदगी दिखे तो उसका फोटो खींचकर तुरंत स्वच्छता एप के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत करें। क्योंकि इसकी मॉनीटरिंग वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर होती है। इसमें आप, कचरा उठाने वाला वाहन नहीं आने, सार्वजनिक शौचालयों में पानी की आपूर्ति नहीं होने, मृत जानवर, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई नहीं होने, झाडू नहीं लगने, कचरे के डिब्बे या कंटेनर साफ नहीं होने, सार्वजनिक स्थान पर पड़े कचरे के ढेर, सार्वजनिक शौचालयों में बिजली नहीं होने एवं सार्वजनिक शौचालयों के ब्लॉकेज आदि की शिकायत की जा सकती है।

ऐसे करे एप डाउनलोड

स्वच्छता एप को डाउनलोड करने के लिए गूगल प्ले स्टोर में जाएं। वहां swachhata mohua एप का चयन करें। इसके बाद एप को इंस्टाल कीजिए। एप को ओपन करके अपनी भाषा चुनें। अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और नेक्स्ट बटन दबाएं। लोकेशन पर जाकर धौलपुर राजस्थान का चयन करें और done दबाएं।

भास्कर संवाददाता | धौलपुर

शहर को नंबर वन बनवाने के लिए नगरपरिषद ने स्वच्छता एप डाउनलोड करवाने के लिए भले ही काफी प्रचार-प्रचार किया हो, लेकिन जागरूकता नहीं होने के कारण धौलपुर रैंकिंग में पिछड़ रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण की पहली सूची में धौलपुर को 128वीं पॉजीशिन मिली है, जिससे नगरपरिषद की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

हालांकि स्वच्छता एप के माध्यम से सर्वाधिक शिकायतों का निस्तारण किया गया है, फिर भी सफाई को लेकर शहर के लोगों की उदासीनता भी इसका एक बड़ा कारण माना जा रहा है। सफाई संबंधी हर शिकायत का निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा लांच किए गए स्वच्छता एप को शहर में अभी तक केवल 1813 लोगों ने ही डाउनलोड किया है, जबकि जनगणना 2011 के अनुसार धौलपुर शहर की आबादी 1 लाख 25 हजार 99 है। यानी केवल डेढ़ फीसदी लोगों ने ही स्वच्छता एप डाउनलोड किया है। इसमें भी केवल 709 लोग ही एक्टिव हैं। यानी स्वच्छता संबंधी शिकायतों को एप पर लोड कर रहे हैं। स्वच्छता एप पर रविवार तक की स्थिति के अनुसार अब तक 1632 शिकायतें दर्ज हुईं। जिसमें से 1539 का निस्तारण हुआ। जबकि 65 शिकायतें रिजेक्ट कर दी गई हैं। बाकी पर काम चलना बताया है। रोचक यह है कि समस्या निवारण के बाद शिकायतकर्ताओं से फीडबैक भी लिया जाता है। इसमें केवल 442 लोगों ने ही संतुष्टि जताई है। जब ये हाल है तो धौलपुर स्मार्ट सिटी की दौड़ में आगे कैसे आएगा। इसके लिए शहर के स्वयंसेवी संगठनों, छात्र संगठनों और शहरवासियों को आगे आने की जरूरत है।

शहर की आबादी 1.25 लाख, 709 लोगों ने ही एप पर भेजी शिकायतें

बाड़ी कस्बे में 541 लोगों ने डाउनलोड किया एप जबकि राजाखेड़ा में 69 ने कीं शिकायतें

राजाखेड़ा नगरपालिका में सबसे कम 69 लोगों ने एप को डाउनलोड किया है। वहीं इससे ज्यादा बाड़ी नगरपालिका क्षेत्र में 541 लोगों ने एप डाउनलोड किए हैं। राजाखेड़ा में 32 शिकायतें आई, इसमें 10 का निस्तारण किया गया। इसमें एक ने ही संतुष्टी जताई हैं। वहीं बाड़ी में 541 एप्स डाउनलोड हुए हैं। इसमें 340 शिकायतों में 160 का निस्तारण किया गया। 38 लोगों ने संतुष्टी जताई है।

शिकायतों का तुरंत निस्तारण : आयुक्त

स्वच्छता एप में कोई भी शिकायत आती है तो सबसे पहले उसका निस्तारण किया जाता है। इसके लिए अलग से टीम बनी हुई है, जो शिकायतों पर निगरानी रखती है। लोगों को जागरूक होना चाहिए और एप को डाउनलोड करके शहर को साफ-सुथरा बनाने में नगरपरिषद की मदद भी करनी चाहिए।

राजकुमार सिंघल, कार्यवाहक आयुक्त, नगरपरिषद धौलपुर

एप पर 1632 शिकायतें दर्ज जबकि 1539 का ही निस्तारण

इंदौर नंबर वन हो सकता है तो धौलपुर क्यों नहीं

स्मार्ट सिटी की दौड़ में जब इंदौर प्रथम आ सकता है तो हम क्यों नहीं आ सकते। भास्कर ने पता लगाया कि इंदौर स्वच्छता में नंबर वन कैसे आया। पता चला कि वहां के लोगों ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई थी। हमें भी कुछ कदम उठाने होंगे। जैसे.

घर-घर से कचरा कलेक्शन नियमित रूप से हो और उसका सही निस्तारण हो।

व्यापार संघ सभी दुकानों पर डस्टबिन रखवाने की पहल करे।

रेहड़ी, ठेले वालों को भी पाबंद किया जाए कि वे डस्टबिन रखें। ऐसा नहीं करने पर चालान हों।

होटल, मैरिज होम, और बड़े संस्थान अपना निजी कचरा निस्तारण प्लांट लगाएं।

चार पहिया वाहनों में भी छोटे-छोटे डस्टबिन रखवाए जा सकते है।

स्वच्छता के प्रति शहर के लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चले।

शहर के लोग ज्यादा से ज्यादा स्वच्छता एप डाउनलोड कर शिकायत करने की आदत डालें।

शहर में रात्रि के समय सफाई की विशेष व्यवस्था हो।

गंदगी फैलाने वालों का चालान करने के साथ ही उन पर सख्त कार्रवाई हो।

शहर में प्लास्टिक की थैलियां पूरी तरह से बंद करनी चाहिए।

अधिक से अधिक पौधारोपण करके वातावरण को स्वच्छ बनाया जाना चाहिए।

स्वच्छता एप पर आने वाली शिकायतों का समय पर निस्तारण हो।

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