गांव सुल्तानी में धान की पनीरी को ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया गया।
निर्धारित समय से पहले पनीरी लगाने पर की कार्रवाई, स्प्रे भी करवाया
भास्कर संवाददाता | दीनानगर
20 मई से पहले धान की फसल न लगाने संबंधी पंजाब सरकार की ओर से जारी हिदायतों को अमली रूप देते हुए कृषि व किसान भलाई विभाग गुरदासपुर की ओर से मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. रमेश कुमार की अगुवाई में गांव सुल्तानी में कार्रवाई करते हुए दो किसानों की ओर से लगाई जा रही फसल को ट्रैक्टर चला कर नष्ट कर दिया गया। कृषि विस्तार अधिकारी मोहन सिंह वाहला की अगुवाई में कृषि विभाग की टीम ने किसान रविंदर सिंह और सरूप सिंह के खेत में लगाए धान में ट्रैक्टर चला राउंडअप दवाई का स्प्रे कर नष्ट किया गया। वहीं, किसानों ने गलती को स्वीकार करते हुए आगे से ऐसा न करने का वादा किया।
कृषि विभाग की टीम ने बताया कि पंजाब के 138 ब्लाॅकों में से 116 ब्लाॅक जलस्तर गिरने से डार्क जोन घोषित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि हम धरती के नीचे से 129 किलोमीटर क्यूबिक पानी का इस्तेमाल कर चुके हैं जो कि गोबिंद सागर झील के 9.4 किलोमीटर दायरे के बराबर सामर्थ्य रखता है। गोबिंद सागर जैसी 13 झीलों का पानी हम इस्तेमाल कर चुके हैं। इसलिए हमें धरती में जलस्तर को बचाने के लिए आगे आना होगा। इस मौके पर कृषि सहायक निरीक्षक मुनीश कुमार, बीटीएम मुनीश कुमार, अजमेर सिंह बेलदार भी मौजूद थे।
खेतों में स्प्रे करवाते कृषि अधिकारी।
सरकार का मकसद जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि जलस्तर को बचाना : टीम
कृषि विभाग की टीम ने गांव जोगर, चिट्टी, नारंगपुर, फरीदपुर, सांदड़, कठियाली गांवों का दौरा कर किसानों के साथ नुक्कड़ मीटिंग की और किसानों को पंजाब प्रीजरवेश्न आफ सब सॉयलवाट एक्ट 2009 के तहत 20 मई से पहले धान की पनीरी और जून से पहले फसल की रोपाई न करने पर लगाई पाबंदी के बारे जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद किसानों से जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि धरती के जलस्तर को बचाना है।