- Hindi News
- National
- मजदूरी बढ़ाने के लिए भट्ठा मजदूरों ने डीसी दफ्तर के बाहर दिया धरना, बिना मिले निकल गए डीसी
मजदूरी बढ़ाने के लिए भट्ठा मजदूरों ने डीसी दफ्तर के बाहर दिया धरना, बिना मिले निकल गए डीसी
भास्कर संवाददाता| गुरदासपुर
तीन साल से अपनी मजदूरी बढ़ाने की मांग कर रहे भट्ठा मजदूरों ने बुधवार को डीसी दफ्तर के बाहर धरना दिया लेकिन डीसी बिना मिले ही चले गए। इसके बाद मौके पर पहुंचे लेबर ने मौके से ही भट्ठा मालिक यूनियन प्रधान से फोन पर बात की। लेबर कमिश्नर इकबाल सिंह ने यूनियन प्रधान राजीव बजाज से बात कर कहा कि समस्या निदान के लिए उन्हें 11 फिर 18 अप्रैल को बुलाया था लेकिन आप लोग नहीं आए। अब आप सभी वीरवार को उनके ऑफिस आओ ताकि समस्या का निदान किया जा सके।
इसके बाद मजदूरों ने धरना तो खत्म कर दिया लेकिन जाते-जाते चेतावनी देते गए कि यदि उनकी समस्या का निदान नहीं हुआ तो वह फिर सड़क पर उतरेंगे। बुधवार को सुबह साढ़े 11 बजे 600-700 भट्ठा मजदूर यूनियन के मजदूर सड़कों पर उतरे। उनका साथ देने के लिए इफ्टू यूनियन के मजदूर भी सामने आ गए। तीन साल से मजदूरी बढ़ाने की मांग कर रहे भट्ठा मजदूरों की भट्ठा मालिक जरा भी नहीं सुन रहे हैं। जबकि लेबर ऑफिसरों ने भट्ठा मालिकों को पहले 11 अप्रैल को अपने ऑफिस बुलाया था। फिर 18 अप्रैल को बुलाया लेकिन वह नहीं आए। इसके पहले साढ़े 11 बजे मजदूर नेहरू पार्क एकत्रित हुए और भट्ठा मालिकों से लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद वह रैली के रूप में डीसी दफ्तर की ओर रवाना हुए और फिर वहां धरना दिया। लेबर कमिश्नर इकबाल सिंह का कहना है कि वीरवार को भट्ठा मालिकों से बात करेंगे।
जिला प्रबंधकीय कॉम्प्लेक्स के बाहर नारेबाजी करते भट्ठा मजदूर यूनियन के बैनर तले मजदूर। -भास्कर
डेढ़ दर्जन से अधिक भट्ठों में काम करते हैं 800 मजदूर
अनुमान के अनुसार जिले में करीब डेढ़ दर्जन भट्ठे हैं। इन भट्ठों में स्थानीय लोगों के अलावा बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, यूपी के करीब 800 मजदूर काम करते हैं। मजूदरों के अनुसार दीनागर क्षेत्र में जो ईंट भट्ठे हैं वहां अधिक समस्या है। हालात यह है कि वहां शौचालय तक नहीं हैं। लेबर ऑफिसरों ने दीनानगर के भट्ठा मालिकों को अपने ऑफिस भी बुलाया लेकिन कोई नहीं पहुंचा। साफ है कि जब भट्ठा मालिक लेबर कमिश्नर की नहीं सुन रहे तो फिर वह मजदूरों की मांग कैसे मानेंगे। भट्ठा मालिक यूनियन प्रधान राजीव बजाज ने भास्कर को बताया कि पहली बार बुधवार को लेबर कमिश्नर ने फोन कर बुलाया है। इसके पहले उनके पास कोई सूचना नहीं थी तो वह क्यों लेबर ऑफिस जाते। अब बुलाया है, तो उनसे मिलेंगे।
लेबर कमिश्नर इकबाल सिंह मौके पर पहुंचे
डीसी दफ्तर के बाहर धरना दे रहे मजदूरों को देखने के बाद भी डीसी वहां नहीं रूके। वह अपने गाड़ी में बैठकर वहां से निकल गए। हालांकि बाद में डीसी के निर्देश पर लेबर कमिश्नर इकबाल सिंह और लेबर इंस्पेक्टर निर्मला शर्मा मौके पर पहुंची।
एक हजार ईंट के एवज में मिलते हैं 735 रुपए
श्यामू, रामकुमार, रामायण, मासीराम, शिवराज, शुभ बटवाल, प्रेम मसीह, फूलचंद, प्रधान बचन सिंह बोपेराय, स्वर्ण सिंह भोला, माना मसीह, अमरकांत आदि ने भास्कर को बताया कि एक हजार ईंट के एवज में उन्हें 735 रुपए मिलते हैं। इनमें से भी जेसीबी, ट्रैक्टर, बिजली बिल के नाम पर काफी पैसा भट्ठा मालिक काट लेते हैं। तीन साल से मजदूरी बढ़ाने की मांग कर रहे लेकिन भट्ठा मालिकों के सिर पर जूं तक नहीं रेंग रही।