भास्कर संवाददाता| हरदीबाजार
गेवरा-दीपका खदान में कोयला उत्खनन के लिए हैवी ब्लास्टिंग को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया। ब्लास्टिंग से खदान के मुहाने पर बसे गांव के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आए दिन हो रही हैवी ब्लास्टिंग से उनके घरों को भी नुकसान हो रहा है। दीपका खदान से प्रभावित गांवों में रेकी, सुआभोड़ी-चैनपुर, हरदीबाजार के शांतिनगर, शिक्षक नगर, मलगांव आते हैं। गेवरा खदान के मुहाने पर स्थित गांवों में अमगांव, सराईसंगार, रलिया, भिलाईबाजार, भठोरा, नराईबोध शामिल है। लोगों ने बताया कि प्रतिदिन दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक हैवी ब्लास्टिंग की जाती है। जिससे ग्रामीण भयभीत रहते हैं। घर की दीवारों में दरार आ चुकी है। छत से भी प्लास्टर गिरने की घटनाएं भी हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत प्रबंधन से कई बार की है इसके बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे तंग आकर ग्राम सुवाभोड़ी के ग्रामीणों ने शनिवार को दोपहर 11 से शाम 6 बजे तक ब्लास्टिंग पर रोक लगाने की मांग को लेकर 50-60 की संख्या में खदान के मुहाने पर बैठ गए। जब इसकी जानकारी ब्लास्टिंग जोन के सुपरवाईजर ने एसईसीएल के अधिकारियों को दी तब एसईसीएल के सुरक्षा विभाग से विरेन्द्र साहू के साथ अन्य कर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर क्षेत्र के किनारे हैवी ब्लास्टिंग नहीं करने व जीएम बीके चंदोरा से मिलकर नौकरी, बसाहट व मुआवजा के संबंध में चर्चा करने की बात कही।