पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Ratlam
  • बिजली के तार से टकराने पर लगी आग, मदद नहीं मिली तो जलता ट्रक दो किमी दूर ले आया ड्राइवर, ग्रामीणों ने बुझाई

बिजली के तार से टकराने पर लगी आग, मदद नहीं मिली तो जलता ट्रक दो किमी दूर ले आया ड्राइवर, ग्रामीणों ने बुझाई

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रोड किनारे लगे बिजली खंभों के झूलते तारों से आए दिन हादसे हो रहे हैं। बुधवार सुबह कलालिया-रिंगनोद रोड पर खाली बारदात से भरा ट्रक हाईटेंशन लाइन से टकरा गया। शार्ट सर्किट हुआ और ट्रक में आग लग गई। सुनसान इलाके में मदद के लिए कोई नजर नहीं आया तो ट्रक चालक जलता हुआ ट्रक लेकर दो किलोमीटर दूर कलालिया पहुंच गया। एक हौज के पास ट्रक खड़ा कर ग्रामीणों से मदद मांगी। लोगों ने दमकल को सूचना दी और खुद आग बुझाने में लग गए। दमकल आने से पहले ही ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया। इससे ट्रक में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ लेकिन उसमें भरे 70 में से 50 बंडल बारदान जलकर राख हो गए।

ट्रक चालक रिंगनोद निवासी फारूख खान ने बताया मंगलवार को उज्जैन से बारदान के 70 बंडल ट्रक में भरे और इन्हें मंदसौर जिले के दलौदा व कचनारा सोसायटी में उतारना थे। उज्जैन से जावरा तक आने में रात हो गई तो मैं ट्रक घर रिंगनोद ले गया। वहां से सुबह 9 बजे वापस बारदान भरा ट्रक लेकर फोरलेन तरफ आ रहा था। कलालिया व रिंगनोद के बीच रोड पर नीचे लटक रहे हाईटेंशन लाइन से ट्रक का ऊपरी हिस्सा टकरा गया। शार्ट सर्किट हुआ और ट्रक में भरे बारदान ने आग पकड़ ली। आसपास कोई नजर नहीं आया और पानी नहीं दिखा तो मैं हिम्मत जुटाकर जलते ट्रक को दोे किमी दूर कलालिया के पास रोड किनारे स्थित हौज तक ले आया। यहां ट्रक रोककर ग्रामीणों से मदद मांगी। कलालिया के दिलीप पाटीदार, पप्पू चौधरी, दिनेश लौहार, सुभाष भूत, राहुल लौहार, हरिओम शाह, जीवन भूत, राकेश चक्कीवाला, रणछोड़ हौज , जगदीश शाह व दशरथ शाह आदि ने तुरंत हौज से पानी लेकर आग बुझाने में मदद की। ट्यूबवेल चालू कर दी। इससे आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। इस बीच जावरा से नपा की दमकल आई और फिर उससे बाकी आग बुझाई। मंदसौर से मौके पर पहुंचे ट्रक मालिक सुरेश शर्मा ने ग्रामीणों की मदद से खुश होकर गांव के हनुमान मंदिर में 5 हजार रुपए भेंट किए। रिंगनोद टीआई शिवांशु मालवीय, सरपंच प्रतिनिधि राधेश्याम सुनारिया मौजूद थे।

ग्रामीणों की मदद से आग बुझाई

ग्रामीणों ने ट्यूबवेल व होज के पानी से आग पर काबू पा लिया।

पहले भी हो चुके कई हादसे

रोड किनारे खंभों के तार ढीले होने पर उन्हें ऊंचे करने की बजाय आसपास पेड़ों पर टांग दिए और अन्य वायर से खींचकर बांध दिए। बिजली कंपनी की इस लापरवाही के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके है। सरपंच प्रतिनिधि सुनारिया ने बताया हाइटेंशन लाइन के तार रोड पर झूल रहे हैं। पेड़ों पर तार बांधने से पखवाड़ेभर पहले ही लक्ष्मीनारायण प्रजापत के मवेशी इसकी चपेट में आने से मर गए थे। दशरथ शाह ने बताया मेरे घर के बाहर नीम के पेड़ पर तार बंधे होने से उसमें आग लगी और पेड़ सूख गया। हरिराम शाह ने बताया मेरे संतरे के बगीचे में तार बांध दिए। इससे कई पेड़ खराब हो गए। कई बार आवेदन दिए लेकिन कोई सुनवाई नहीं कर रहा। बिजली कंपनी डीई एस.के. सूर्यवंशी ने मामला दिखवाने की बात कही है।

सरकारी आदेश नहीं मान रहे, सड़कों पर बिछा रहे लाइनें

जावरा | रोड पर झूलते तथा रोड से सटे खंभों पर लदे बिजली तारों के कारण दस दिन में पांच हादसे हो गए। रोड या रोड किनारे लगे खंभे हटाना तथा तार ऊंचे करना दूर नए खंभे रोड से सटाकर लगाए जा रहे हैं। जून 2016 में पीडब्ल्यूडी व ऊर्जा विभाग की संयुक्त बैठक के बाद सरकार ने सड़कों से पर्याप्त दूरी पर खंभे लगाने का सर्कुलर जारी कर रखा है। बावजूद अमल नहीं हो रहा।

पीडब्ल्यूडी प्रभारी एसडीओ एस.के. पटेल ने बताया बिजली कंपनी ने हाल ही में कालूखेड़ा-भाटखेड़ा रोड और रणायरा-कालूखेड़ा रोड किनारे नए खंभे व लाइन बिछाई है। हमने सर्कुलर बताते हुए नोटिस दिया। मौके पर जाकर काम रोकने की बात कही लेकिन कालूखेड़ा क्षेत्र के बिजली अधिकारी ने कहा ऐसा कोई सर्कुलर हमें नहीं मालूम। अब यह रोड टू-लेन बनना है तो फिर इन खंभों को हटाने के लिए शासन के पैसे अनावश्यक खर्च करना पड़ेंगे। जावरा-सीतामऊ सीसी टू-लेन किनारे मांडवी से नेतावली के बीच नए खंभे रोड की सीमा में गाड़ दिए। पीडब्ल्यूडी इंजीनियर पी.एन. गुप्ता ने काम रोकने की बात कही लेकिन कंपनी अमले ने मनमानी करते हुए खंभे गाड़ दिए। जावरा-उज्जैन बायपास रोड पर भी ऐसे ही खंभे गाढ़े जा रहे है। यहां एमपीआरडीसी ने आपत्ति लेकर काम रुकवा दिया है।

गलती रोड बनाने वाले की, जिम्मेदारी हमारे ऊपर डाल रहे

रोड से दूर खंभे व लाइन बिछाने का सर्कुलर जरूर है लेकिन रोड वाले विभाग सही सीमा नहीं बताते। इससे विवाद की स्थिति बनती है। रोड बनाते वक्त संबंधित रोड निर्माण विभाग लाइन शिफ्टिंग नहीं करवाते और ना ऊंचाई बढ़वाते हैं। शिफ्टिंग व तार ऊंचे करने की जिम्मेदारी रोड निर्माता एजेंसी की रहती है। यह प्रावधान है। रोड बनाने वाले विभाग अधिकारी खुद लाइन शिफ्ट नहीं करवाते और जिम्मेदारी हमारे ऊपर ढोल रहे। एस.के. सूर्यवंशी, डीई बिजली कंपनी केंद्र जावरा

दस दिन में पांच हादसे

10 अप्रैल -
इंडस्ट्रियल एरिया में हाईटेंशन लाइन से ट्रक में आग। क्लीनर गंभीर घायल।

14 अप्रैल- पंचेवा में फ्लैक्स टांग रहे बलराम पिता राजाराम मालवीय (18) की करंट से मौत।

17 अप्रैल- बछोड़िया मार्ग पर 13 वर्षीय प्रेमलता की लाइन की चपेट में आने से मौत ।

एक सप्ताह पहले- कलालिया में तार टूटकर गिरने से दो मवेशियों की मौत हो गई।

बुधवार को कलालिया-रिंगनोद रोड पर हाईटेंशन लाइन से बारदानभरा ट्रक जल गया।

खबरें और भी हैं...