पांच दिन में भरा रही पेयजल टंकी, आगे और भी खराब होगी स्थिति
अप्रैल अभी आधा ही हुआ है और पानी की किल्लत से पूरा गांव परेशान है। गांव के जलस्त्रोतों ने दम तोड़ना शुरू कर दिया है। बचे-कूचे स्त्रोतों में भी जल्द ही पानी खत्म हो जाएगा, इसके बाद ग्रामीणों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ेगा। अभी पांच दिन में पेयजल टंकी भरा रही है और केवल दस मिनिट ही जल वितरण हो पा रहा है। इससे ग्रामीणों को पूरी गर्मी कैसे निकलेगी, इसकी चिंता सता रही हैं।
जलसमस्या को लेकर भाजपा नेता मनोहर पोरवाल, विधायक प्रतिनिधि राकेश चौहान विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय से मिले। उन्हें बताया गांव की आबादी 6 हजार है। पेयजल स्त्रोतों का जलस्तर दिन-प्रतिदिन गिरता जा रहा है। ऐसे में लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। अभी 12 फीडर से एक वार्ड में हफ्ते में एक बार दस मिनिट के लिए जल वितरित हो रहा है। गांव की पेयजल टंकी भी पांच दिन में भरा रही है, इस कारण लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। महिलाएं गांव से दूर स्थित कुएं से पानी लाने को मजबूर है। सरपंच ममता चौहान ने बताया गर्मी शुरू होने से एक माह पहले ही पीएचई विभाग को पत्र लिख दिया था और दो हैंडपंप खनन, नल-जल योजना के तहत टयूबवेल खनन की मांग की थी। हाल ही में दो हैंडपंप के लिए टयूबवेल खनन 600 फीट तक करवाया, लेकिन पानी नहीं मिला। गर्मी में जलस्तर सूखने के कारण पानी नहीं निकल रहा है, इसके लिए एक हजार फीट तक खनन करना होगा। विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय ने आश्वस्त किया कि एक हफ्ते में समस्या दूर हो जाएगी।
गांव में 12 हैंडपंप, वो भी बंद- पंचायत के वाटर मैन भागीरथ माली ने बताया पहले हर तीसरे दिन लोगों को पेयजल सप्लाय होता था, लेकिन जलस्तर कम होने के कारण पर्याप्त नहीं आ रहा है और जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। गांव में 800 कनेक्शन है। जलापूर्ति के अन्य साधनों में 12 हैंडपंप लगे हैं, लेकिन वो भी बंद पड़े है। जलापूर्ति के लिए खनन थोड़ा गहरा हो तो पानी आ सकता है। विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय ने पीएचई के इरफान अली से कहा ग्रामीणों को पानी किल्लत हो रही है। यदि पहले खनन में पानी नहीं आया, तो दोबारा प्रयास करें, ताकि ग्रामीणों की जलापूर्ति हो सके। पीएचई के खान ने कहा विधायक की अनुशंसा पर एक हफ्ते में टयूबवेल खनन करवा देंगे।
समस्या को लेकर विधायक डॉ. पांडेय से चर्चा करते भाजपा नेता।