नहीं पकड़ा गया आरोपी, समाज में आक्रोश, कार्रवाई की रखी मांग
नगर के बूढ़ादेव पहाड़ी पर गोंडवाना समाज के बूढ़ादेव व दंतेवाड़िन माई की प्रतिमा को खंडित करने वाले अपराधी अब तक नहीं पकड़े गए है। माझी अंतरराष्ट्रीय समाजवाद आदिवासी की जिलाध्यक्ष सलनलाल उइके व सचिव सांवतराम मंडावी ने बताया कि माझी अंतरराष्ट्रीय आदिवासी सैनिक संस्था के संस्थापक स्व.हीरा सिंहदेव माझी उर्फ कंगला माझी सरकार एवं स्व. विशालराम पदाम की संस्था के सैनिकों द्वारा हगरी डोंगरी डोगरगढ़ में बूढ़ादेव एवं दंतेवाड़िन दाई की प्रतिमा स्थापित किया गया है जिसकी पूजा अर्चना संस्था के सदस्यों द्वारा की जाती है। बूढ़ादेव एवं दंतेवाड़िन दाई के प्रतिमा को अज्ञात व्यक्तियों के द्वारा खंडित किया गया था, इसमें संस्था एवं गोंड समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची। ठेस पहुंचाने वाले व्यक्ति को दंडात्मक कार्रवाई किए जाने के लिए 26 फरवरी को महारैली के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया था, जिसके संबंध में क्या कार्रवाई की गई है।
मांगे नहीं हुई पूरी: बूढ़ादेव व दंतेवाड़िन माई की प्रतिमा के निर्माण, मंदिर में जाने के लिए सीढ़ी व पहुंच मार्ग, समाज की भूमि से अतिक्रमण हटाने, मंदिर प्रांगण में पानी लाइट की व्यवस्था करने, आदिवासी सामुदायिक भवन का निर्माण करने सहित बूढ़ादेव मंदिर के नाम से खसरा नं. 546 की 8 एकड़ 36 डिसमिल भूमि का सीमांकन कराने की प्रमुख मांगें अबतक पूरी नहीं हुई है जिसे लेकर समाज में रोष व्याप्त है।