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अस्पताल में एंटीरेबिज इंजेक्शन नहीं, कुत्ता काटने पर इलाज नहीं

3 वर्ष पहले
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कसडोल| कुत्ता काटने के इंजेक्शन लगवाने मरीज के परिजन यहां वहां भटक रहे हैं। अस्पताल में कुत्ता काटने का इंजेक्शन नहीं होने से मरीज परेशान हैं।

शुक्रवार को एक कुत्ते ने 3 लोगों को काटा, जिसका इलाज कराने कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गए तो पता चला कुत्ता काटने का इंजेक्शन नहीं है। उनको नगर के मेडिकल स्टोर्स में जाकर खोजने से मिला और अस्पताल में इंजेक्शन लगवाया। नमन कुमार पिता सुनील कुमार धीवर 5 वर्ष, पवन कुमार पिता राम कुमार श्रीवास 8 वर्ष और सरस्वती पिता जगेश्वर 7 वर्ष को एक कुत्ते ने काटा, इसके बाद वे कसडोल अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे, लेकिन वहां इंजेक्शन नहीं मिला। इंजेक्शन के लिए कई मेडिकल स्टोर्स में भटकना पड़ा।

इस दौरान नमन कुमार के दादा मुरारी धीवर ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि शासकीय अस्पताल में गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवार को मुफ्त में कुत्ता काटने का इंजेक्शन लगता है, लेकिन यहां कोई ऐसी सुविधा नहीं है।

इसी तरह कभी किसी को सांप काटने पर उसका भी इंजेक्शन नहीं रहता। अस्पताल में दवाई भी नहीं मिल पाती। शासन जो सुविधा दे रही है उन दवाइयों की सप्लाई नियमित रखना चाहिए। अस्पताल में भर्ती नेतराम कैवर्त जो बीपी बढ़ने से भर्ती था, उनसे जानकारी लेने पर पता चला उन्हें अस्पताल से बाटल चढ़ा है , लेकिन दवाई बाहर के मेडिकल से न्यूरोबेस्ट, पेरोसेक्ट, लोस्कैंड लेना पड़ी। उक्त सम्बन्ध में डॉ एएस चौहान ने बताया कि कुत्ता काटने का इंजेक्शन खत्म हो गया है और जिला से सप्लाई भी नहीं हो पा रही है।

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