मिडिल स्कूल लमती में मध्याह्न भोजन के पहले नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया जा रहा है। शिक्षक आर एल धनेंद्र ने बताया कि बच्चों को चारित्रिक व नैतिकता का पाठ पढ़ाया जा रहा है। जिससे शालीनता और सज्जनता उनके अंदर आने से अच्छे व्यक्ति बन सके।
समय की कीमत का ज्ञान, ईमानदारी व शिष्टाचार बच्चों में होनी चाहिए। हमारा व्यवहार ऐसा होना चाहिए, जो दूसरों को प्रभावित कर सके। यदि चरित्र अच्छा हो, व्यवहार में नम्रता, शालीनता, सज्जनता हो तो वह व्यक्ति श्रेष्ठ होता है। नैतिक शिक्षा की कक्षा में भगवती, विष्णु, खेमलाल, ओमप्रकाश गोवर्धन, टेनिस, माहेश्वरी, मंजू, हेमा, आराधना, रेशमी शामिल हो रहे हैं। गौरतलब है कि जिले के कई स्कूलों में मध्याह्न भोजन के साथ बच्चों को अन्य गतिविधियों के बारे में भी बताया जा रहा है।
डौंडीलोहारा. लमती के मिडिल स्कूल में नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ते बच्चे।