मध्याह्न भोजन के साथ इंग्लिश पोयम का अभ्यास
सूखाग्रस्त क्षेत्रों में ग्रीष्मकालीन अवकाश में शासकीय स्कूलों के बच्चों को मध्याह्न भोजन दिया जा रहा है। प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में चल रहे मध्याह्न भोजन का बीईओ की टीम निरीक्षण कर रही है। ब्लाॅक के 230 प्राथमिक और 346 माध्यमिक शालाओं में मध्याह्न भोजन का संचालन किया जा रहा है। रविवार व अन्य अवकाश में भी मध्याह्न भोजन दिया जा रहा है।
शासकीय प्राथमिक स्कूल कोटेरा में भी मध्याह्न भोजन के साथ- साथ अन्य शैक्षणिक गतिविधियां कराई जा रही है। शिक्षिका निशा साहू ने बताया कि बच्चों को पहाड़ा का रोजाना अभ्यास कराया जा रहा है। श्रुतिलेखन, खेल-खेल में सीखना, साहित्यिक गतिविधियों जैसे बाल कविता वाचन, कहानी का भाव पूर्ण प्रस्तुतिकरण, आत्मविश्वास से परिचय देना, आसपास के वातावरण व मौसम पर चर्चा, चित्रकला व कागज के खिलौने बनाना सीख रहे हैं। फुटबॉल, बैडमिंटन, सांप सीढ़ी, पासा, लुडो, रस्सी कूद सीख रहे हैं। एक्सन एक्टिविटी के अंतर्गत इंग्लिश पोयम, एक्शन वड्स का अभ्यास कराया जा रहा है। शिक्षिका निशा ने मिट्टी के खिलौने व सामग्री बनाना सिखाया। बच्चों ने मिट्टी से मोबाइल, टीवी, कंघी, वर्ग आयत, डिब्बा, चम्मच, कटोरी, गिलास, नाव, चूल्हा, कढ़ाई,दीप स्तंभ, शिवलिंग, बैलगाड़ी, दीया, अगरबत्ती स्टैंड, जानवरों की मूर्ति बनाई।
मिट्टी से खिलौने बनाओ प्रतियोगिता में प्रथम थनेश्वर रावटे ने प्राप्त किया। द्वितीय लिलेश कुमार, तृतीय युगेश्वरी,चतुर्थ हर्षना व पंचम स्थान निधि ने प्राप्त किया। इसी प्रकार सांत्वना पुरस्कार चांदनी, साधना, रेमन, वामन लाल, पंकज, विशाल, भाविनी, दीपिका, कुशुमलता, चंचल, चित्रांजली, तोमेन्द्र, रूपेश, भुनेश्वर, पूरण, यतेन्द्र, झामेन्द्र, किरण, केशव, अनिल, शिवम, गणेश, पद्मनी, सावित्री ने प्राप्त किया।
डौडीलोहारा. चित्रकला व कागज के खिलौने बनाना सीख रहे हैं कोटेरा स्कूल के बच्चे।