दस साल पहले बनी सल्हाईटोला-कोटागांव 5 किमी लंबी सड़क मरम्मत के अभाव में खराब हो गई है। सड़क से डामर गायब हो गया है। क्षेत्र के लोगों की मांग पर पीडब्लूडी ने ध्यान नहीं दिया। सड़क में बीच-बीच में गड्ढे होने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। खराब सड़क के कारण कोटागांव से डौंडी तक 15 मिनट का रास्ता आधे घंटे लग रहा है।
ग्राम सल्हाईटोला के सरपंच जागेन्द्र पाल गौर, रोमन रात्रे, झुमुकलाल भंडारी, कोटागांव के अात्माराम बढ़ई, नाथूराम खरे, कचरूराम खरे ने बताया कि क्षेत्र के लोगों काे डौंडी तहसील कार्यालय, जनपद कार्यालय, बिजली अॅाफिस, पीएचई, वन विभाग, अस्पताल आना पड़ता है। लेकिन खराब सड़क के कारण समय अधिक लग रहा है। रोजमर्रा का सामान लेने खुड़सुगियापारा, ठाकुरपारा, बरपारा, भुरकाभाट, नलकसा, कुमुड़कट्टा, तुवेदंड, इमलीपारा, महामाया के लोग इसी रास्ते से डौंडी आते हैं। राजनांदगांव जिले के पुसवाड़ा, अंगारा, बिटेझर, शेरपार गांव के लोग भी इसे सड़क से आना-जाना करते हैं। पीडब्ल्यूडी के उपयंत्री एनके सहारे ने बताया कि डौंडी से सल्हाईटोला, कोटागांव मार्ग पर डामरीकरण के लिए एक करोड़ की कार्ययोजना बनाकर भेज चुके हैं।
डौंडी. सल्हाईटोला-कोटागांव की खराब सड़क हो गई है।