मोहड़ व खरखरा डैम के पानी से ब्लाॅक में हो सिंचाई: ठाकुर
सरकार जिले के किसानों के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध नहीं करा पा रही है। वहीं खरखरा, मोहड़ के पानी को उद्योग को देने व दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। किसान संघ के जिला प्रवक्ता कुशल ठाकुर ने कहा है कि जिले के चार तहसील सूखाग्रस्त होने के बाद भी किसानों का लोन माफ नहीं किया है। सूखा पीड़ित किसानों को कन्या विवाह पर दिए जाने वाले 30 हजार रुपए को लागू किया जाए। किसानों को 2100 रुपए समर्थन मूल्य व 300 रुपए प्रति क्विंटल बोनस पांच साल का दे।
उन्होंने कहा कि खाद, बीज खरीदने पर फसल बीमा के नाम पर किसानों को बीमा का प्रीमियम राशि समिति प्रबंधक काट लेता है। लेकिन बीमा कंपनी और कृषि विभाग किसानों के हित में कोई काम नहीं करता। तहसील व जिला स्तर पर बीमा कंपनी का कार्यालय होना चाहिए। इसलिए किसान कृषि विभाग व राजस्व विभाग के चक्कर लगाते रहते हैं। कई किसानों को बीमा राशि का लाभ नहीं मिलता।
ठाकुर ने कहा कि बड़े-बड़े बांधाें को एक दूसरे से जोड़कर उद्योग व शहर को पानी पहुंचाने का काम हो रहा है। तभी तो मोंगरा, मोहड़ के पानी को खरखरा में निकालकर राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन डौंडीलोहारा के किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था नहीं की गई है। जबकि किसानों के खेत खरखरा केनाल से लगा है। कांग्रेस और भाजपा की सरकार ने किसानों के हित में कोई काम नहीं किया है।