• Hindi News
  • National
  • गौतम गोत्र के ब्राह्मणों का मनमुटाव दूर करने के लिए युवा समिति के 35 सदस्य सूरहा पहुंचे

गौतम गोत्र के ब्राह्मणों का मनमुटाव दूर करने के लिए युवा समिति के 35 सदस्य सूरहा पहुंचे

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
गौतम गोत्र के ब्राह्मणों के बिखराव को जोड़ने के लिए बुपनिया गांव स्थित युवा गौतम समिति प्रयासरत है। गत दिनों समिति के सदस्यों ने कलाहवड़ गांव में जाकर गौतम गोत्र के ब्राह्मणों को गांव बुपनिया के गौतम गोत्र के ब्राह्मणों के साथ जोड़ने का काम किया। इसी तर्ज पर युवा गौतम समिति के प्रधान मास्टर पवन कुमार की अगुवाई में समिति के 35 सदस्य गांव सूरहा में पहुंचे।

सूरहा गांव बादली उपमंडल का एक मुख्य गांव है। सूरहा गांव में गौतम गोत्र के लगभग 60 परिवार हैं। यह परिवार भी गांव बुपनिया के गौतम गोत्र के ब्राह्मणों से अलग थे। इन परिवारों को सोमवार को एक बार फिर जोड़ने का काम किया। समिति के सचिव निरंजन गौतम ने बताया कि महर्षि गौतम के वंशज युवा गौतम समिति के प्रधान मास्टर पवन और युवा गौतम समिति के सभी सदस्य बादली उपमंडल के गांव सूरहा पहुंचे। गांव की ब्राह्मण चौपाल में गांव कलाहवड़ की तर्ज पर गांव के गौतम गोत्र के पंडितों के साथ बैठक की। इसमें सूरहा गांव के गौतम गोत्र के लोगों ने समिति के युवाओं का, गौतम गोत्र के परिवारों को जोड़ने की पहल का स्वागत किया।

बुपनिया-सूरहा के गौतम गोत्र के परिवारों

ने हुक्का ग्रहण किया
ब्राह्मणों की चौपाल में 2 घंटे तक बैठक हुई। बैठक के माध्यम से सभी प्रकार के कई साल के मन-मुटाव दूर करते हुए चौपाल में छह बार जलपान व एक साथ बैठकर हुक्का बुपनिया व सूरहा गांव के गौतम गोत्र के परिवारों ने ग्रहण किया। सूरहा गांव के गौतम गोत्र के परिवारों ने भाईचारे की इस पहल का स्वागत करने व बुपनिया गांव के गौतम गोत्र के भाइयों के साथ जुड़ने से समिति के सदस्य भी उत्साहित हुए। इस मौके पर गौतम गोत्र के ब्राह्मणों द्वारा गांव सूरहा में युवाओं को शिक्षा के रूप में नशे से दूर रहने, मां बेटी बहन चाहे वह किसी भी समाज की हो उसे अपना समझने, दुनिया के किसी भी देश की बेटी हो उसकी इज्जत मान सम्मान करने, हर तरह से मदद करने का संकल्प बैठक में लिया गया।

हजारों साल पूर्व गौतम गोत्र के ब्राह्मण बुपनियां में आकर बसे थे
समिति के सदस्य निरंजन गौतम ने बताया कि हजारों साल पूर्व गौतम गोत्र के ब्राह्मण गांव बुपनियां में आकर बसे थे। ये परिवार वर्ष 1171 पूर्व के लगभग पृथ्वीराज चौहान के निधन से पूर्व किसी न किसी कारणवश बुपनिया गांव को छोड़कर अन्यत्र गांव में जा बसे। आसपास के गांव में बसे सभी गौतम गोत्र के ब्राह्मण एक ही परिवार के हैं। आपस में भाई हैं और वर्षों से इनमें किसी पुरानी बात को लेकर मनमुटाव है। इस मनमुटाव को दूर करने के प्रयास युवा गौतम समिति बुपनियां की ओर से किए जा रहे हैं। निरंजन गौतम ने बताया कि गौतम गोत्र के ब्राह्मणों की अगली बैठक जींद आश्रम में होगी, जिसमें पूर्व विधायक राम कुमार गौतम भी अपना सहयोग करेंगे। पूर्व विधायक ने भी युवा गौतम समिति के समाज को जोडऩे के इस काम की प्रशंसा की है। 31 मई को गौतम गोत्र के ब्राह्मणों की एक बैठक जींद आश्रम में होनी तय हुई है। उस बैठक के माध्यम से प्रदेश या क्षेत्र में जहां भी गौतम गोत्र के ब्राह्मण हैं उनको जोडऩे का प्रयास किया जाएगा।

खबरें और भी हैं...