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एक कमरे में ही पढ़ते हैं कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थी

3 वर्ष पहले
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डुमरिया प्रखंड की धोलाबेड़ा पंचायत के नरसिहबहाल गांव के उत्क्रमित उच्च विद्यालय नरसिंहबहाल एक ऐसा विद्यालय है जहां एक ही कमरे में कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों को शिक्षा दी जाती है। कमरे के अभाव में यहां एक ही कमरे में एक से पांच तक के विद्यार्थियों को बैठाकर पढ़ाया जाता है। जब पांचवीं की कक्षा चलती है तो कक्षा एक से चार तक के विद्यार्थियों को भी वही पढ़ना पड़ता है। वहीं जब कक्षा एक की पढ़ाई होती है तो दो से लेकर पांच तक के बच्चे चुप बैठे रहने के लिए मजबूर रहते हैं। ऐसे में इन मासूम बच्चों को किस स्तर की शिक्षा दी जा रही है। इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। इस विद्यालय में फिलहाल कक्षा एक से आठ तक 174 विद्यार्थी नामांकित हैं। कक्षा दस में 48 बच्चे तथा कक्षा 9 में अब तक 91 विद्यार्थियों का नामांकन हो चुका है। इस विद्यालय में कुल पांच कमरे हैं। इन पांच कमरों मे ही एक से दस तक की पढ़ाई होती है। ऐसी स्थिति उच्च विद्यालय के निर्माणाधीन भवन अधूरा रहने के कारण उत्पन्न हुई है।

कक्षा एक से दस तक की होती है पढ़ाई, कमरे के अभाव में एक साथ पढ़ाई करने के लिए छात्र विवश, विद्यालय में पांच हैं कमरे

उउवि नरसिंहबहाल में एक कक्षा में बैठे पांच कक्षा के विद्यार्थी।

भास्कर न्यूज| डुमरिया

डुमरिया प्रखंड की धोलाबेड़ा पंचायत के नरसिहबहाल गांव के उत्क्रमित उच्च विद्यालय नरसिंहबहाल एक ऐसा विद्यालय है जहां एक ही कमरे में कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों को शिक्षा दी जाती है। कमरे के अभाव में यहां एक ही कमरे में एक से पांच तक के विद्यार्थियों को बैठाकर पढ़ाया जाता है। जब पांचवीं की कक्षा चलती है तो कक्षा एक से चार तक के विद्यार्थियों को भी वही पढ़ना पड़ता है। वहीं जब कक्षा एक की पढ़ाई होती है तो दो से लेकर पांच तक के बच्चे चुप बैठे रहने के लिए मजबूर रहते हैं। ऐसे में इन मासूम बच्चों को किस स्तर की शिक्षा दी जा रही है। इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। इस विद्यालय में फिलहाल कक्षा एक से आठ तक 174 विद्यार्थी नामांकित हैं। कक्षा दस में 48 बच्चे तथा कक्षा 9 में अब तक 91 विद्यार्थियों का नामांकन हो चुका है। इस विद्यालय में कुल पांच कमरे हैं। इन पांच कमरों मे ही एक से दस तक की पढ़ाई होती है। ऐसी स्थिति उच्च विद्यालय के निर्माणाधीन भवन अधूरा रहने के कारण उत्पन्न हुई है।

वर्ष 2008 से अधूरा है स्कूल भवन

नरसिंहबहाल उच्च विद्यालय का नया भवन 2008 से अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि यह भवन 62 लाख की लागत से संवेदक सह जेई केसी यादव द्वारा बनाया जा रहा था, लेकिन संवेदक ने भवन निर्माण कार्य पूरा नहीं किया। विद्यालय भवन को पूरा करवाने की मांग ग्रामीणों ने की। भवन निर्माण को पूरा करने के लिए उपायुक्त के अलावा सांसद व विधायक से भी कई बार आग्रह किया गया। सांसद व विधायक को अधूरे भवन को दिखाया भी गया, लेकिन अब तक भवन को पूरा करने की दिशा में कोई पहल नहीं हो सकी है। अधूरा भवन धीरे धीरे खंडहर में तब्दील होते जा रहा है।

नए भवन का निर्माण कार्य संवेदक द्वारा कई वषों से अधूरा छोड़ दिया गया है। विद्यालय में पांच कमरे हैं। जिसमें एक से दस तक के विद्यार्थियों को बैठाना पड़ता है। इस परिस्थिति में एक से पांच तक के विद्यार्थियों को एक कमरे मे ही बैठाकर पढ़ाना मजबूरी है। उपेंद्र सिंह, प्रभारी प्रधानाध्यापक, उत्क्रमित उच्च विद्यालय नरसिंहबहाल।

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