आदिवासी समाज के विरोधियों को सबक सिखाएं : कुणाल
डुमरिया के लाधनाशोल, अर्जुन बेड़ा आदि गांवों के 42 आदिवासी परिवारों को वन भूमि पट्टा मिलने की खुशी में एक वनभोज का आयोजन किया गया। वन पट्टा दिलाने में अहम् भूमिका निभाने के लिए ग्रामीणों ने विधायक कुणाल षाड़ंगी और भारत जाकात माझी परगना महाल के देश पौराणिक रामचंद्र मुर्मू को सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि वन पट्टा देने के साथ ही जनता को उन लोगों को भी पहचानने की जरूरत है जो सीएनटी-एसटीपी एक्ट और भूमि अधिग्रहण बिल में अनावश्यक संशोधन करके इसे छीन लेने का षडयंत्र रच रहे हैं। किसी भी पार्टी को समर्थन करें वह आप की आज़ादी है। विरोध में काम करने वालों को पहचानने और सबक सिखाने की जरूरत है। ये लोग समाज को क्रमबद्ध तरीके से खत्म करना चाहते हैं। ग्रामीणों की आवश्यकता को देखते हुए विधायक ने उक्त स्थल पर एक डीप बोरिंग विधायक निधि से देने का वादा किया। मौके पर प्रखंड प्रमुख शास्त्री हेंब्रम, ज़िला पार्षद शिवचरण हांसदा, झामुमो केंद्रीय सदस्य ललित मांडी, मुखिया प्रतिनिधि माताल मांडी, विधायक प्रतिनिधि दीपक बारीक़, परेश सिंह मुंडा, कमल क्लब प्रखंड अध्यक्ष धनेश्वर मुर्मू समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।
वनभोज में शामिल विधायक व अन्य।