पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • 5 मिनट के लिए आए तूफान ने बुझाया घर का चिराग, एक ही परिवार के तीन सदस्य जख्मी

5 मिनट के लिए आए तूफान ने बुझाया घर का चिराग, एक ही परिवार के तीन सदस्य जख्मी

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
डुमरिया थाना से 15 किमी दूर जंगल में बसे केंदुआ पंचायत के रायसेनबेड़ा टोला में रविवार की शाम 4 बजे आए पांच मिनट के तूफान में घास-फूस का एक घर उड़ जाने तथा धंस जाने के कारण एक ही परिवार के एक साल के बच्चे की मौत हो गई जबकि तीन लोग जख्मी हो गए। तूफान थमने के बाद ग्रामीण जुटे तथा घर में दबे लोगों को बाहर निकाला। आश्चर्य की बात यह है कि इलाज के लिए किसी को अस्पताल नहीं भेजा गया। घटना की सूचना मिलने के 24 घंटे बाद बीडीओ तथा अन्य प्रशासनिक के अधिकारी घटना स्थल पहुंचे तथा देखकर वापस लौट गए। जख्मी को अस्पताल भेजवाने की जहमत नहीं उठाई। यहां तक कि बच्चे का पोस्टमार्टम कराए बिना सोमवार की शाम दफना दिया गया। वैसे ग्रामीणों का कहना था कि बच्चे की नाक से पानी निकल रहा था। उसकी मौत हुई थी या वह बेहोश था, इसकी पुष्टि भी नहीं हो पाई। अधिकारी भी बच्चे को देखकर अस्पताल भेजवाने का प्रयास नहीं किए। पूरा महकमा संवेदनहीन बना रहा। गांव के पंचायत प्रतिनिधि भी किसी तरह की सक्रियता नहीं दिखाई। घटना के समय घर का मुखिया बाहर था।

मृतक तुराम देवगम, फाईल फोटो।

गांव के पंचायत प्रतिनिधि किसी तरह की नहीं दिखाई सक्रियता

तूफान में ध्वस्त घर।

प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंच कोरम पूरा कर लौटे वापस

आज जहां संचार की दुनिया में इतनी बड़ी क्रांति आई है। वहीं ऐसे भी गांव हैं जहां सूचना का कोई तंत्र नहीं है। इसी वजह से घटना के बाद अस्पताल को सूचना नहीं दी जा सकी। यह बात अलग है पर गांव के लोगों की संवेदना भी मर चुकी है। दुखद यह है कि प्रशासनिक अधिकारी भी जब गांव पहुंचे तो केवल कोरम पूरा कर वापस लौट गए। घटना के 24 घंटे बाद भी पीड़ित परिवार को किसी तरह की राहत नही दी गई। चोट से जख्मी 7 वर्षीया बच्ची का खून से माथा सना हुआ था। यह सब देखते हुए भी किसी को इलाज के लिए नहीं भेजा गया। पंचायत प्रतिनिधि, सेविका, सहायिका, नर्स एएनएम सहित सरकार के कई नुमाइंदों को इस घटना की जानकारी मिली पर किसी ने भी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजने की जहमत नहीं उठाई।

अपने परिवार के साथ हरिदेव देवगम।

क्या है घटना

रविवार की शाम अचानक करीब 45 किमी की रफ्तार से आए तूफान में डुमरिया के केंदुआ पंचायत के केंदुआ गांव के रायसेनबेड़ा टोला के सात घरों में आंशिक क्षति हुई। जबकि हरिदेव देवगम के घर को तूफान ने उड़ा दिया। घर में लगे रोला गिरने से एक वर्षीय पुत्र तुराम देवगम की मौके पर ही मौत हो गई। उस समय तुराम देवगम अपनी मां चांदू देवगम की गोद में था। जिसमें मां भी दब गई थी। अचानक आंधी से पुआल का घर गिर जाने के कारण सभी दब गए थे। तुराम की सात वर्षीया बहन के सर में चोट लगी है। वहीं उसकी मां को लकड़ी व पुआल हटाकर बचा लिया गया। उस समय तुराम की मां के साथ पड़ोस की एक गर्भवती महिला माही देवगम (25) भी गंभीर रूप से घायल हो गई। सोमवार को लगभग दो बजे प्रखंड विकास पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार, मुखिया जानुम सिंह व जिप सदस्य सांतरी तापे पहुंचे तथा सरकारी लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। इस परिवार को प्रधानमंत्री आवास भी नहीं मिला है।

परिजनों ने बताया कि बच्चे की मौत हो चुकी है। बच्चे के मरने पर मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है। पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से पीएम आवास दिलाने का प्रयास किया जाएगा। - मृत्युंजय कुमार, बीडीओ, डुमरिया।

खबरें और भी हैं...