दिवाकर को सबसे बड़ी सजा, 14 साल जेल, दो करोड़ जुर्माना
मामला वर्ष 1991-92 और 1995-96 के बीच 34.91 करोड़ की अवैध निकासी से संबंधित है। इस मामले में सबसे पहले 22 जनवरी 1996 को दुमका टाउन थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। 15 अप्रैल 1996 को सीबीआई ने कांड संख्या आरसी 45ए/96 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। 24 जुलाई 2004 को 60 अभियुक्तों के खिलाफ अदालत में चार्ज फ्रेम हुआ था। इस मामले में कुल 29 करोड़ जुर्माना लगाया गया है।