झारखंड चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य कर्मचारी संघ की जिला ईकाई की ओर से रविवार को प्लस टू राजकीय कन्या उच्च विद्यालय में तृतीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि सह अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार, विशिष्ट अतिथि सह सिविल सर्जन सुरेश कुमार व संघ के राज्य महासचिव सुबल किशोर ठाकुर ने दीप जलाकर किया। सम्मेलन के अंत में नए सत्र के लिए पदाधिकारियों का चयन किया गया। मुख्य अतिथि ने कहा कि सरकार द्वारा 2004 में जो नई पेंशन योजना लागू की गई है, इससे हम भी प्रभावित हैं। बायोमेट्रिक उपस्थिति जिस ग्रामीण क्षेत्रों में किसी कारण से नहीं बन पा रहा हो, वहां के सक्षम नियंत्री पदाधिकारी विपत्र के साथ उचित कारण संलग्न कर कोषागार भेजा जा सकता है। सुरेश कुमार ने कहा कि एसीपी व एमएसीपी देने के लिए प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि जून तक भुगतान कर दिया जाएगा। सुबल किशोर ठाकुर ने कहा कि सरकार उच्चतम न्यायालय के बातों को भी नहीं मानती है। समान काम के लिए समान वेतन नहीं दे रही है। उन्होंने सरकार से मांग कि सभी अनुबंध कर्मियों को अविलंब स्थाई किया जाए। मुख्य संरक्षक ने कहा कि स्वास्थ्य उपकेंद्र गांव के बाहर एकांत जगह पर बनाई गई है। जहां बिजली, पानी व सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। ऐसे में सरकार व जिला प्रशासन की और से उपकेंद्र में एएनएम को रहने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसके पूर्व स्वागत भाषण देते हुए संघ के स्वागत सचिव कैलाश प्रसाद साह ने कहा कि सरकार हमेशा से कर्मचारियों का शोषण करती आ रही है, जो वर्तमान समय में काफी बढ़ गई है। सरकार को कर्मचारियों के हित के बारे में सोचना चाहिए। आखिर कर्मचारी भी तो सरकार का.ही अंग है। इस मौके पर महासंघ के मुख्य संरक्षक तारिणी प्रसाद कामत, अध्यक्ष सिधेश्वर प्रसाद सिंह, राज्याध्यक्ष सुशीला तिग्गा, राज्य सचिव भूषण कुमार, उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह, जीतवाहन उरांव, चंद्रशेखर सिंह, मुकूल आदि ने भी संबोधित किया। सम्मेलन में शशिशेखर अम्बष्ठ, राजीव नयन तिवारी, विनीता कुमारी, सरिता कुमारी, नित्यानंद सिंह सहित प्रमंडल से आए पदाधिकारी व सेवानिवृत्त सदस्य शामिल हुए।
तृतीय सम्मेलन में मौजूद पदाधिकारी व अतिथि।
कार्यक्रम में उपस्थित स्वास्थ्यकर्मी।
अगले सत्र के लिए कर्मचारी संघ की जिला इकाई का हुआ गठन
झारखंड चिकित्सा एवं जन-स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की जिला ईकाई के लिए अगले सत्र को लेकर नये पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चयन किया गया। जिसमें मुख्य संरक्षक वासुदेव प्रसाद, संरक्षक सुभाष सिंह, सम्मानित अध्यक्ष श्यामा देवी यादव, जिला अध्यक्ष तपन कुमार ठाकुर, उपाध्यक्ष कोमोलिनी मुर्मू, दीप्ति रानी पाल, अनुज कुमार, श्रीमंत दास व भोला प्रसाद सिंह, जिला सचिव कैलाश प्रसाद साह, संयुक्त सचिव नित्यानंद सिंह, अजितेश राय, संजय ठाकुर, काजल रेखा पाल व लक्ष्मी टुडू, कोषाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार, संगठन सचिव जितेंद्र कुमार सिंह व विनीता कुमारी, कार्यालय सचिव फणिलाल महतो, अंकेक्षक साधु मंडल व प्रदीप यादव, मीडिया प्रभारी सच्चिदानंद सोरेन, संघर्ष समिति अध्यक्ष जोस्फीन मरांडी, उपाध्यक्ष रविंद्र प्रकाश, अभय सिंह, सिनासी मरांडी, गुलाब, सचिव आनंद सिंह, संयुक्त सचिव प्रतिमा रानी सिंह, सीवन मंडल, जयप्रकाश मंडल व दीपक दुबे, कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, महिला उपसमिति में अध्यक्ष गीता कुमारी, उपाध्यक्ष सोनाली रूज, आशा हेम्ब्रम, सुशीला पासवान व सरिता कुमारी, सचिव नमिता रानी मंडल, संयुक्त सचिव मीना कुमारी, फलीना टुडू, ललिता मुर्मू व कुसुम कुमारी शामिल है। पर्यवेक्षक के रूप में सुबल किशोर ठाकुर, जीतवाहन उरांव थे।