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सरना धर्म की मांग पर आदिवासियों ने रोका रेल

3 वर्ष पहले
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार को लिंगायत धर्म के साथ सरना धर्म को अलग मान्यता देने के लिए आदिवासी सेंगेल अभियान के तहत पाकुड़ में रेल रोको अभियान चलाया गया। झारखंड दिशोम पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व सांसद सालखन मुर्मू के आह्वान पर झारखंड, बंगाल, बिहार, ओडिसा व आसम जैसे आदिवासी बहुल राज्यों में सरना धर्म की मांगों को लेकर आंशिक भारत बंद बुलाया गया था। इसी क्रम में सोमवार को सेंगेल अभियान के दर्जनों कार्यकर्ता प्रातः तकरीबन 10 बजे पाकुड़ रेलवे स्टेशन पहुंचकर प्लेटफाॅर्म व रेल ट्रैक पर खड़े होकर अलग धर्म की मान्यता के लए नारेबाजी करने लगे। अचानक दर्जनों कार्यकर्ता स्टेशन पहुंच गए जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। बाद में आरपीएफ व जीआरपी ने रेल ट्रैक पर आंदोलन कर रहे सेंगेल कार्यकर्ताओं को हटाने का प्रयास किया परंतु, वे रेल रोको अभियान पर डटे रहे। लगभग एक घंटे के बाद पुलिस उन्हें रेल ट्रैक से हटाने में सफल रही। इसके बाद दर्जनों कार्यकर्ता जीआरपी थाना के समीप आंदोलन करने लगे। हलांकि, रेल ट्रैक बाधित करने के दौरान कोई यात्री ट्रेन नहीं होने कारण यात्रियों को कोई परेशानी नहीं हुई परंतु, मालगाड़ी खड़ी रही।

पाकुड़ में अभियान के दौरान रेल रोकते आदिवासी।

ये है मांगें

लिंगायत धर्म के साथ आदिवासियों के लिए अलग प्रकृति पूजा धर्म-सरना धर्म की मान्यता देने।

एससी, एसटी एक्ट में संशोधन को रद्द करने।

अन्य जातियों के लोगों को आदिवासी समाज में शामिल नहीं करने।

एसपीटी, सीएनटी एक्ट को पूर्णतः लागू करने।

देशभर में इवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से मतदान कराने।

सेगेंल व झादिपा के बंद दुमका में आंशिक असर

दुमका|दुमका जिले में मसलिया को छोड़कर कहीं पर भी सोमवार को आदिवासी सेंगेल अभियान व झारखंड दिशोम पार्टी की ओर से बुलाई गई बंदी का कोई असर नहीं दिखा। मसलिया में बेरियर हेम्ब्रम के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कुछ देर के लिए सड़क जाम किया। रैली निकाली जिससे कुछ देर के लिए वाहनों का आवागमन बंद रहा। बेरियर ने बताया कि लिंगायत धर्म के साथ सरना धर्म को मान्यता के लिए आंशिक रूप से सड़क जाम किया गया था। संथाली भाषा को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा देने के बाद भी सरकार इसकी अवहेलना कर रही है। झारखंड मुक्ति मोर्चा व भाजपा कुछ जातियों को जबरन शामिल करने की कोशिश कर रही है। कार्यकताओं ने दलाही बाजार में रैली निकाली। मौके पर मानवेल हांसदा, रमेश टुडू, पुलिस हेम्ब्रम, सतीश मुर्मू, दिशापति हेम्ब्रम, काटेश्वर किस्कू, रघुनाथ, सुशील, असीम, साइमन, हेमलाल, कालीश्वर, होपना, मिरूदी, कलोदी, मार्को उपस्थित थे।

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