राज्य महिला आयोग का कानूनी जागरूकता से संबंधित दो दिवसीय कार्यशाला इंडोर स्टेडियम में सोमवार से शुरू हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप जलाकर किया। मौके पर मौजूद मुख्य अतिथि राज्य की समाज कल्याण मंत्री डाॅ. लुईस मरांडी ने कहा कि दुमका जैसे जगह के लिए महिला आयोग द्वारा इस तरह का आयोजन वास्तव में यहां की महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि संथाल परगना में जनजातीय समाज की बहुलता है और इस समाज में कानूनी जागरूकता बहुत कम है। महिला आयोग द्वारा इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन यहां की महिलाओं के लिए लाभकारी होगा। महिला आयोग महिला सशक्तिकरण के लिए काम करता रहा है। महिला आयोग से संबंधित मामलों पर विशेष रूप से संवेदनशील होने की जरूरत होती है, क्योंकि इसमें परिवार से जुड़े मामले अधिक देखने को मिलता है। इन मामलों पर जांच के समय सावधानी बरतने की जरूरत होती है, ताकि निर्दोष को सजा नहीं मिल पाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को संविधान द्वारा कई शक्तियाँ प्रदान की गई हैं लेकिन इन शक्तियों का दुरुपयोग ना किया जाय। महिलाएं सशक्त और संवेदनशील बने। उन्होंने कहा कि महिलाएं अगर थाना में शिकायत लेकर आये तो उनके साथ सहजता के साथ पेश आयें। उनके दर्द को समझने का प्रयास करें। न्याय दिलाने पर विश्वास करें। उन्होंने कहा कि हमारी बेटियों की समीता बनी रहे इसपर हम सभी को ध्यान रखने की जरूरत है। महिला आयोग महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए बनाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को सम्मान से जीने के लिए कई योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं का महिलाएं अवश्य लाभ लें अपने हक के बारे में जाने। उन्होंने कहा कि अम्बेडकर आवास योजना, पेंशन योजना विधवा बहनों के लिए सरकार चला रही है। तेजस्वनी योजना के माध्यम से महिला को सशक्त एवं आत्म निर्भर बनाने का प्रयास सरकार द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास भी महिलाओं को सशक्त करने के लिए गम्भीर हैं। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग के सदस्य पुनम प्रकाश, शर्मिला सोरेन, आरती राणा, जिला परिषद अध्यक्ष जोयेस बेसरा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्वेता भारती, अमिता रक्षित तथा बड़ी तादाद में महिलाएं उपस्थित थे।
राज्य महिला आयोग का कानूनी जागरूकता से संबंधित दो दिवसीय कार्यशाला का इंडोर स्टेडियम में हुआ उद्घाटन
कानूनी जागरूकता शिविर का उद्घाटन करतीं मंत्री लुईस मरांडी व अन्य।
ओपन कोर्ट के माध्यम से भी समस्या का समाधान होगा
झारखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कल्याणी शरण ने कहा कि यह कार्यशाला महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही इस क्षेत्र की महिलाएं जो आयोग तक नहीं पहुंच पाती है। उन समस्याओं को दूर करने के लिए यह आयोजन किया गया है। महिला आयोग आपकी समस्याओं को दूर करने के लिए आपके द्वार पर आई है। ओपन कोर्ट के माध्यम से भी समस्या का समाधान किया जायेगा। राज्य में महिला आयोग कार्यक्रम कर रही है। महिलाओं को उनका अधिकार बताना आवश्यक है। राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए गंभीर है। सखी मंडल द्वारा लाखों महिलाओं को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम में जानकारी लेतीं महिलाएं।
महिलाएं हमारे समाज का अहम हिस्सा है : अखिलेश
इस अवसर पर पुलिस उपमहानिरीक्षक अखिलेश झा ने कहा कि महिलाएं हमारे समाज का अहम हिस्सा है। महिलाओं के बिना समाज की कल्पना करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने हक को जाने तथा जागरूक बनें। आपको अपनी ताकत पहचानने की जरूरत है। थाने में उपस्थित लोग निश्चित रूप से संवेदनशील होकर आपसे पेश आयेंगे। उन्होंने कहा कि आपकी रक्षा के लिए कई धारायें बनायी गई है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मातृत्व योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को समाज कल्याण मंत्री डाॅ. लुईस मरांडी द्वारा सम्मानित किया गया।