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असम से भटक दुमका आए बच्चे को पिता को सौंपा

3 वर्ष पहले
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बच्चे को पिता के हवाले करते अधिकारी।

भास्कर न्यूज|दुमका

बाल कल्याण समिति बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट के समक्ष असम का करीब 14 वर्षीय गुमशुदा बालक के पिता नजरुल इस्लाम उपस्थित होकर अशरफुल के पिता होने का दावा किया। चेयरपर्सन अमरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि असम राज्य के अशरफुल हक को जरमुंडी प्रखंड के सहारा पंचायत के कुशमाहा गांव के पारा लीगल वोलेंटियर मुकेश कुमार को जोगियामोड़ के पास भटकते हुए मिला था। मुकेश ने बालक को स्थानीय होटल में खाना खिला कर रात में वहीं पर अपने साथ रख कर दूसरे दिन डीएलएसए सचिव निशांत कुमार के समक्ष पेश किया। तत्पश्चात सचिव डीएलएसए ने मामले को सीडब्लूसी को स्थानांतरित कर दिया था। तब से बालक सीडब्लूसी के संरक्षण में ऑफ्टर केअर होम धधकिया दुमका में रह रहा था। सीडब्लूसी के समक्ष नजरुल हक ने बताया की उसका घर असम राज्य के सीलघाघरी गांव के थाना मानिकपुर, जिला बोगाई गांव रहने वाले है। एसपी दुमका किशोर कौशल ने बालक के पिता को असम पुलिस के माध्यम से खबर कर अशरफुल के दुमका में होने की जानकारी दिया था। सीडब्लूसी ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए बालक को उसके पिता को हवाले कर दिया। सुनवाई में सीडब्लूसी चेयरपर्सन अमरेन्द्र कुमार, सदस्य धर्मेन्द्र नारायण, शकुंतला दुबे, रमेश प्रसाद साह, रंजन सिन्हा मौजूद थे।

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