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महिलाओं ने की पति की दीर्घायु की होने कामना

3 वर्ष पहले
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दुमका समेत ग्रामीण इलाकों में मंगलवार को बट सावित्री की पूजा-अर्चना रीति-रिवाज से की गई। दुमका के धर्मस्थान समेत कई जगहों पर स्थित बट वृक्ष की पूजा के लिए सुबह से ही सुहागिनों की भीड़ उमड़ने लगी थी।

सुहागिनों ने वट वृक्ष की पूजा कर वर की सलामती की कामना की। कई जगहों पर पुरोहितों के द्वारा कथा सुनायी गयी।

बासुकीनाथ में अखंड सुहाग की कामना को लेकर पूरी निष्ठा से महिलाओं ने पूजा-अर्चना की। सुबह से ही बरगद पेड़ की पूजा अर्चना के लिए महिलाओं का जुटान शुरू हो गया। आम, केला, नारंगी, लीची समेत अन्य फलों के अलावा घरों में पारंपरिक तरीके से तैयार किए गए ठेकुआ, खबौनी आदि का भी भोग लगाया। बरगद पेड़ के नीचे घी का दीप जलाकर, कच्चे धागे को पेड़ में बांधा एवं पंखा झेला एवं वट वृक्ष से अखंड सौभाग्य की कामना की।

जामा प्रखंड में बट सावित्री का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इसके अलावा शिकारीपाड़ा, मसलिया, रानीश्वर, नोनीहाट समेत अन्य ग्रामीण क्षेत्र में भी बट सावित्री की पूजा-अर्चना की गई।

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