16 सूत्री मांगों को लेकर अनुमंडल कार्यालय में भाकपा माले का धरना
16 सूत्री मांगों को लेकर भाकपा माले के बैनर तले ग्रामीणों द्वारा डुमरी अनुमंडल कार्यालय के समक्ष दिया जा रहा अनिश्चित कालीन धरना बुधवार के दिन भी जारी रहा। हालांकि एक सप्ताह पूर्व अनुमंडल कार्यालय द्वारा 16 मांगों में से 11 मांगों का जांच प्रतिवेदन धरनार्थियों को सौंप दिया गया था। परंतु धरनार्थी सभी मांगों का जांच प्रतिवेदन सहित कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपे जाने पर अड़े हुए हैं। ज्ञात हो कि नियमों के विरूद्ध चीनो माइंस में हो रहे उत्खनन और परिवहन की जांच कर कार्रवाई, मधगोपाली पंचायत के कार्डधारियों को जुलाई से सितम्बर का राशन मुहैया कराने, पंचायत के दोषी डीलरों का लाइसेंस रद्द करने, झारखंड काॅलेज डुमरी में वर्ष 2016-17 में हुई नियुक्तियों की जांच करने, 8 जुलाई 2015 को अंचल कार्यालय डुमरी में कैम्प लगाकर लिए गए दाखिल खारिज आवेदनों पर रसीद निर्गत करने, डुमरी अनुमंडल परिसर और रेफरल अस्पताल डुमरी में विधायक मद से बने शौचालयों का ताला खोलने, स्वयं सहायता समूह दीपक और ज्योति द्वारा अविलंब केरोसिन का वितरण करने, झारखंड काॅलेज डुमरी में 2016-17 में हुई नियुक्तियों की जांच, मनरेगा संख्या 10/15-16 में काम करने वाले मजदूरों को मजदूरी का भुगतान करने, डुमरी और इसरी में सुलभ शौचालय की व्यवस्था करने, पारसनाथ रेलवे स्टेशन और इसरी बाजार में ट्रैफिक नियंत्रण की व्यवस्था करने सहित सोलह सूत्री मांगों को लेकर अनुमंडल कार्यालय के समक्ष भाकपा माले के बैनर तले ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार उक्त मांगों को लेकर 5 अक्टूबर 2017 से 9 अक्टूबर, 2017 तक आमरण अनशन किया गया था। प्रशासन द्वारा आश्वासन देने के बाद आमरण-अनशन समाप्त किया था। समझौते के छह महीने बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने किसी भी मांग पर कार्रवाई नहीं की तब मजबूर होकर पुनः धरना देना पड़ा। मौके पर देवीलाल आनंद, अखिल कुमार, रामसेवक साव, टेकलाल महतो, मदन जायसवाल, अशोक बर्णवाल आदि उपस्थित थे।
भाकपा माले के बैनर तले धरना पर बैठे ग्रामीण।