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बच्चों के झगड़े में भतीजे ने की हृदय रोगी पोस्टमैन की हत्या परिजनों ने आरोपी के आंगन में रखा शव, रात तक नहीं उठाया

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | करावाड़ा/डूंगरपुर

करावाड़ा कस्बे के निकट पोहरी खातुरात ग्राम पंचायत के गजपुर गांव में मंगलवार शाम को मारपीट के बाद पोस्टमैन की मौत के बाद दूसरे दिन परिजनों ने शव को दोपहर 12 बजे आरोपी कांतिलाल के आंगन में रख दिया। पुलिस ने काफी देर तक परिजनों से समझाइश की, लेकिन देर रात तक परिजनों ने शव को नहीं उठाया।

बच्चों के आपस की लड़ाई में ही आरोपी कांति रोत ने मंगलवार शाम को पोस्टमैन नानकराम पुत्र मानजी रोत की पिटाई कर दी थी और गला दबा दिया था। नानकराम की पहले ही हार्ट सर्जरी हो चुकी थी। ऐसे में मारपीट सहन नहीं कर पाया। इस घटना के बाद ही परिजन उसे लेकर डूंगरपुर रवाना हो गए, लेकिन हॉस्पिटल में डाक्टरों ने नानकराम को मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक दोनों ही परिवारों के घर भी आसपास हैं। साथ ही आपस में कुटुंबी है। पुलिस का दावा है कि बच्चों की लड़ाई के कारण मारपीट की गई है। फिलहाल मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि रात में कोई अनहोनी नहीं हो पाए।

परिजन बोले : नानकराम की छाती पर मुक्के मारे, मारपीट से हुई मौत

आरोपी के यहां शव रखने के बाद ग्रामीणों से समझाइश करती पुलिस।

रिटायरमेंट में 22 माह बाकी थे, इसके पहले ही हो गई मौत, वह कहते थे, बड़ी संख्या में लोग घर आएंगे

परिजनों ने बताया कि नानकराम डूंगरपुर में पोस्टमैन का सर्विस करता था। उसके रिटायरमेंट में 22 माह बाकी थे, लेकिन इसके पहले ही उसकी मौत हो गई। बेटे धुलेश्वर रोत ने बताया कि पिता की सेवानिवृत्ति को लेकर परिवार में अभी से ही योजना बना रहे थे कि उस दिन किस तरह का कार्यक्रम करेंगे। वह कहा करते थे कि रिटायरमेंट के दिन बड़ी संख्या में लोग डूंगरपुर से आएंगे। इसलिए व्यवस्था भी उसी तरह की करनी होगी, क्योंकि वह डाक देने के लिए सभी विभागों और घरों पर जाते थे। इस कारण कई लोग उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते थे। इसलिए वह चाहते थे कि सेवानिवृत्ति कार्यक्रम में सभी को बुलाया जाए। परिवार में दो लड़के और तीन लड़कियां हैं और सभी का विवाह हो चुका है।

नानकराम

मृतक का घर सड़क के किनारे ही है। उस समय किसी काम से बेटा राजू नेगाला घाटी गया था। लौटते समय कांति ऑटो के साथ मिल गया। पीछे से कांति रोत ऑटो लेकर आया और उसके पीछे दौड़ाया। इस पर राजू अपने दूसरे ताऊजी के घर गया और पिता को फोन कर बचाने की गुहार लगाई। वहीं बेटे की दुकान पर बैठे नानकराम बचाने के लिए निकलते, इसके पहले ही कांति ऑटो लेकर दुकान के पास आ गया और नानकराम के साथ मारपीट की। परिजनों के अनुसार नानकराम की छाती पर ही कांति ने मुक्के मारे हैं।

होली के दो दिन पहले टेम्पो के पलटने से हुआ था विवाद

मृतक नानकराम के बेटे राजू ने बताया कि होली के दो दिन पहले कांति के ऑटो में बैठा हुआ जा रहा था। ऑटो कांति का ड्राइवर चला रहा था। इस बीच ऑटो पलट गया। बाद में कांति ने राजू पर आरोप लगाया कि उसने ऑटो को पलटाया। कांति ने ग्रामीणों के सामने ही राजू से खर्चे की मांग की, लेकिन ग्रामीणों की ओर से कहा गया कि ऑटो कांति का ड्राइवर चला रहा था, ऐसे में राजू कैसे पलटा सकता है। इस कारण राजू को क्लीनचिट मिल गई। इसी बात का झगड़ा हुआ था। तब से बोलचाल बंद थी और आखिर इस घटनाक्रम का नतीजा अब पिता की हत्या तक जा पहुंचा। इधर, जिले में मौताणा प्रथा आमबात हो गई है। हत्या हो या दुर्घटना यहां मौताणे के बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया जाता है। अधिकांश मामले ऐसे आए हैं।

बच्चों के आपस का झगड़ा था। इसी कारण मारपीट हुई थी। फिलहाल शव आंगन में ही रखा हुआ है और पुलिस बल तैनात है। समझाइश की गई है। - माधोसिंह सोढ़ा, डीएसपी

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