शहर की सुनीता की पढ़ाई का सपना हुआ साकार
शहर की सुनीता की पढ़ाई का सपना हुआ साकार
डूंगरपुर। नगरपरिषद क्षेत्र की वार्ड 3 की उदयपुरा गांव की बेवा महिला अपनी आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों से जूझ रही है।ऐसे हालात में नगर परिषद उसकी बेटी सुनीता को पढ़ाने में अंधेरे में किरण के रूप में साबित हुई।
खेरवाड़ा क्षेत्र की रहने वाली अनिता भणात 12 घंटे काम कर बेटी सुनीता को पढ़ाने के सपने देख रही है। छोटे भाई -बहन को संभालना और परिवार की आर्थिक हालात के कारण बेटी सुनीता पढ़ाई पूरी नहीं कर पा रही है।विधवा होने के बाद सास ने घर से बेदखल कर दिया था। अनिता आज अपने चार बच्चों के साथ 1000 हजार रुपए किराए से कमरा लेकर रहती है। एक बेटा सरकारी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा है। दो बेटियां और एक बेटा अपनी मा के साथ रहते है।अनिता की दो बेटियां जिसमें छोटी बेटी बोल भी नहीं सकती है।