4 साल में 75 बाल विवाह रुकवाए, प्रशासन अलर्ट
सावों का अबूझ मुहूर्त आखातीज बुधवार को है। इसी मुहूर्त में कई बाल विवाह तक करवाए जाते हैं। प्रशासन और पुलिस के पास सूचना आने पर बाल विवाह रुकवाए जाते हैं, लेकिन कई बार इस तरह की सूचना नहीं मिल पाती और चोरी-छिपे ही यह बाल विवाह पूरे हो जाते हैं। पिछले चार सालों में ही प्रशासन, पुलिस के साथ ही स्वयंसेवी संस्थाओं ने मिलकर 75 बाल विवाह रुकवाए, लेकिन इस बार अब तक ऐसी किसी तरह की सूचना नहीं आई है, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने बाल विवाह रुकवाने के लिए पूरी तरह से सख्त है।इन आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले चार साल में सबसे ज्यादा बाल विवाह वर्ष 2017-18 में 29 रुकवाए गए हैं। इस बार भी पुलिस, प्रशासन इन पर निगरानी रखे हुए है। आखातीज के अबूझ मुहूर्त में बाल विवाह जैसे अपराधों को चोरी-छुपे कुछ लोगों की मौजूदगी में ही पूरा करने का संदेह है। प्रशासन ने एसडीएम से लेकर तहसीलदार और गांवों में पटवारी, सचिव, सरपंच, शिक्षक, एएनएम सहित सभी कार्मिकों को एक भी बाल विवाह नहीं होने देने और इसकी सूचना तुरंत ही प्रशासन तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं, जिससे कि बाल विवाह होने से पहले ही रुकवाया जा सके और इस पर कार्रवाई भी की जा सके।
बाल विवाह की संभावना, प्रशासन और पुलिस ने हर सरकारी कर्मचारी को कड़ी निगरानी के निर्देश दिए
केस -1. 26 अप्रैल 2017 को बिछीवाड़ा के खजूरी में एक युवक का बाल विवाह रुकवाया गया था।
केस -2. 28 अप्रैल 2017 को दोवड़ा के नाल फला में एक दूल्हे का बाल विवाह रुकवाया गया था। इसी दिन धंबोला थाना क्षेत्र के देवगांव में भी एक नाबालिग को शादी के लिए बेचने पर केस दर्ज करवाया गया था।
केस- 3. 29 अप्रैल 2017 को बिछीवाड़ा के ओड़ा बड़ा में एक युवक का बाल विवाह हो रहा था, जिसे रुकवाया गया था।
पुलिस ने बनाया कंट्रोल रूम
कार्यवाहक एसपी निेतेश आर्य ने बताया कि एसपी कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है, जो 24 घंटे खुला रहेगा। 6 कार्मिकों की कंट्रोल रूम पर ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा लोग आसपास के पुलिस थाने, बीट इंचार्ज या कांस्टेबल को भी इसकी सूचना दी जा सकती है।
किस साल कितने बाल विवाह रुकवाए
2017-18 29
2016 -17 6
2015-16 18
2014-15 22
23 मामले समझाइश से निबटे, 6 में एफआईआर
पिछले साल में प्रशासन, पुलिस और स्वयंसेवी संगठनों के पास बाल विवाह की कुल 40 शिकायतें आई थी। इनमें से 11 शिकायतें गलत थी। इसके अलावा समझाइश से 23 बाल विवाह रुकवाए गए थे। 6 मामलों में एफआईआर दर्ज कर पाबंद करने की कार्रवाई की गई थी।