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बारिश में बह जाएंगी सड़कें, अभी शिलान्यास हुआ तो 15 जून से रोकने पड़ेंगे 400 करोड़ के काम
400 करोड़ रुपए से ज्यादा के निर्माण कार्य जिले में इन दिनों चल रहे हैं। काम भले ही 4 साल बाद अब जमीन पर दिखने लगे हैं, लेकिन मानसून सक्रिय होने से पहले उनका शिलान्यास कर श्रेय लेने में जनप्रतिनिधि कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। ऐसे में शिलान्यास और लोकार्पण समारोह का मैराथन कार्यक्रम तैयार करने के लिए पीडब्ल्यूडी से प्रस्ताव संबंधित विधायकों को भेजे गए हैं, जिससे उनसे मिले समय के अनुसार फीते कटवाकर असंतुष्ट वोटों की बिगड़ती गणित बैठाई जा सके। भेजे गए प्रस्ताव में 16 लाख 40 हजार आबादी को फायदा होने की जानकारी दर्ज है। इसमें कुछ आबादी बांसवाड़ा जिले की भी है।
प्रदेश में मानसून 15 जून से सक्रिय माना जाता है, लेकिन इस बार अप्रैल माह की शुरुआत के साथ ही कहीं रिमझिम तो कहीं बूंदाबांदी का दौर शुरू हो चुका है। घने बादलों ने अभी से वागड़ के आकाश पर डेरा डाल भी दिया है। पीडब्ल्यूडी के डामर से जुड़े काम जिसमें प्रमुख रूप से सड़क और पुल शामिल है, उनका निर्माण 15 जून से रोक दिया जाएगा। यदि बारिश पहले शुरू हो गई तो इसके पहले ही ऐसे तमाम कामों पर तकनीकी रूप से रोक लगा दी जाएगी। इस साल नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। दिसंबर में नई सरकार सत्ता संभालेगी। सब कुछ ठीक रहा तो देशभर के अन्य राज्यों के साथ ही स्थानीय की भी घोषणा चुनाव आयोग कर सकता है। ऐसे में जुलाई अंत या अगस्त की शुरुआत तक चुनावों का कार्यक्रम जारी हो सकता है। इसके बाद किसी भी तरह के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम जनप्रतिनिधि नहीं कर सकेंगे।
बिजली पावर हाउस के बीच जर्जर सड़क जिसका शिलान्यास प्रस्तावित है।
कुछ यूं समझें 15 जून का तकनीकी कारण
दक्षिण राजस्थान में 15 जून से बारिश शुरू हो ही जाती है। पीडब्ल्यूडी के भेजे गए प्रस्तावों में सबसे ज्यादा काम डामर से होने वाले शामिल है। डामर और पानी के बीच तकनीकी रूप से बड़ा पेंच है। वैज्ञानिक मत के अनुसार पानी लगने से डामर खराब होता है। सड़क और अन्य किसी भी ऐसे स्ट्रक्चर का टूटना तय होता है। ऐसे में यहां 15 जून से डामर के कार्य बंद करा दिए जाते हैं। साथ ही यदि बारिश जल्दी शुरू हो जाती है, तो भी काम बंद कराए जाते हैं। उल्लेखनीय है कि जब भी टेंडर लगाए जाते हैं तो 15 जून से 15 सितंबर तक के चार माह का समय उस निर्माण कार्य की अवधि में शामिल होता है और उसी अनुरूप गति तय होती है। अभी जो काम चल रहे हैं उनके निर्माण की अवधि अगले साल 2019 के मार्च या अप्रैल माह तक है। ऐसे में बारिश से पहले शिलान्यास या लोकार्पण नहीं हुए और सत्ता किसी अन्य राजनीतिक दल के हाथ में चली गई तो भाजपा को इसका फायदा नहीं मिलेगा।
जो काम कराए गए हैं, उनके लोकार्पण कराए जाने ही हैं। साथ ही सरकार के कार्य जनप्रतिनिधि तय करेंगे कि किसी का शिलान्यास और लोकार्पण कब कराया जाना है। -संदीप माथुर, एसई, पीडब्ल्यूडी
जानिए कार्य, बजट और आबादी : शिलान्यास के कार्यों पर एक नजर
डूंगरपुर से बिछीवाड़ा सड़क के लिए 25 करोड़ 26 लाख रुपए खर्च होंगे, 70 हजार की आबादी को फायदा, यह सड़क जिला मुख्यालय से गुजरात को जोड़ेगी।
पीएमजीएसवाई में गणेशपुर से आसपुर सड़क का कार्य 9 करोड़ 49 लाख 72 हजार में होगा और इसका फायदा 70 हजार की आबादी को लाभ, आसपुर विधानसभा क्षेत्र को फायदा।
बरोठी से पालीसोड़ा वाया तलैया गुजरात सीमा तक सड़क 3 करोड़ 70 लख 62 हजार रुपए में बनेगी। इससे डूंगरपुर विधानसभा के 70 हजार लोगों को फायदा बताया गया है।
सुरपुर, साबली, बौखला, रोजेला, खानमीन से पालपादर 8 किलोमीटर सड़क 5 करोड़ 37 लाख 62 हजार में बनेगी। डूंगरपुर विधानसभा के 70 हजार लोगों को फायदा।
डूंगरपुर देवसोमनाथ फलोज गणेशपुर 9 किलोमीटर सड़क 5 करोड़ 6 1 लाख 53 हजार में बनाकर 70 हजार लोगों को फायदा होने का दावा किया जा रहा है।
दामड़ी से डोजा 8 किलोमीटर 4 करोड़ 99 लाख रुपए की सड़क बनने से आसपुर विधानसभा के 70 हजार लोगों को फायदा।
टामटिया से रणौली मांडव तक 7.5 किलोमीटर सड़क 5 करोड़ 24 लाख 66 हजार में बनाकर सागवाड़ा विधानसभा के 70 हजार लोगो को फायदा।
सागवाड़ा से बुचिया वाया आरा तक 6.5 किलोमीटर की 4 करोड़ 53 लाख रुपए की सड़क बनने से सागवाड़ा विधानसभा के 70 हजार लोगों को फायदा।
करावाड़ा से रास्ता होते हुए मांडली तक 9 किलोमीटर सड़क 5 करोड़ 71 लाख में बनाकर 70 हजार लोगों को फायदे का दावा।
स्टेट हाईवे 91 में पुनावाड़ा चौकी गुजरात सीमा तक 5 किलोमीटर के लिए 2 करोड़ 99 लाख 10 हजार रु. से बनाकर 70 हजार लोगों को फायदा पहुंचाने का दावा।
चारों विधानसभाओं के दो लाख लोगो को फायदा पहुंचाने के लिए मुख्य ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और चौड़ाई बढ़ाने के लिए खर्च होंगे 47 करोड़ 44 लाख रुपए।