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मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किए बिना लौटी एमसीआई की टीम 30 मई तक मंजूरी नहीं तो इस साल भी शुरू होने की उम्मीद कम

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | डूंगरपुर

इस साल से डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज शुरू होने की उम्मीदें टूटती जा रही हैं। प्रदेश में 7 नए मेडिकल कॉलेज शुरू होने वाले हैं और इनका आखिरी निरीक्षण होना है, लेकिन एमसीआई की टीम आई और दो मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करके लौट गई। डूंगरपुर सहित 5 मेडिकल कॉलेजों का निरीक्षण नहीं हुआ है, जबकि 30 मई तक देश के सभी मेडिकल कॉलेजों में सीटों का आवंटन हो जाएगा और इससे पहले मंजूरी नहीं मिली तो इस साल भी मेडिकल कॉलेज शुरू होना मुश्किल ही है।

राज्य में चुनावी वर्ष होने के कारण सरकार प्रदेश के सभी सात मेडिकल कॉलेज को इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू करना चाहती है, लेकिन इससे पहले एमसीआई (मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया) से हरी झंडी मिलना जरूरी है। एमसीआई का आखिरी निरीक्षण पिछले साल दिसंबर महीने में हो गया, लेकिन राज्य सरकार ने पिछली बार एमसीआई की ओर से बताई गई कमियों को दूर करने का दावा किया, जिस पर एक बार फिर से निरीक्षण की योजना तैयार की गई। इसके तहत सातों मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण होना है, लेकिन एमसीआई की टीम आई और पहले भरतपुर और फिर चुरू का निरीक्षण कर वापस लौट गई।

वहीं डूंगरपुर, पाली, भीलवाड़ा, बाड़मेर जिलों के मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण नहीं हुआ है और न ही एमसीआई की ओर से इसके लिए कोई तारीख या समय अब तक दिया है। इसलिए मेडिकल एजुकेशन विभाग की एक टीम एमसीआई से मिलने दिल्ली गई है, जो सभी मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण पूरा करने के लिए प्रस्ताव रखेगी। इसके बाद आगे एमसीआई की टीम आएगी। एमसीआई के नियमों की ही मानें तो देश के सभी मेडिकल कॉलेज में इस शैक्षणिक सत्र का आखिरी निर्णय 30 मई तक हो जाता है, लेकिन यह भी तब, जब एमसीआई के नियमों के अनुसार सभी कमियां पूरी कर इसका आखिरी निरीक्षण कर लिया जाए।

मेडिकल कॉलेज प्रशासन एमसीआई के आज-कल के इंतजार में
एमसीआई की ओर से अप्रैल में फाइनल निरीक्षण प्रस्तावित है, लेकिन एक बार दो मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण हो जाने के बाद से भी डूंगरपुर में भी कभी भी टीम के आने की संभावना जताकर तैयारियां पूरी की जा रही हैं, लेकिन दो जगहों पर निरीक्षण कर टीम के लौट जाने से मेडिकल कॉलेज प्रशासन के सामने चिंता भी साफ दिख रही है। आजकल के इंतजार में अप्रैल का आधा महीना बीत गया है और अगले डेढ़ महीने में एमसीआई की हरी झंडी नहीं मिली तो इस बार भी हमारा मेडिकल कॉलेज शुरू होने से अटक जाएगा।

एमबीबीएस की 100 सीटों पर होगा एडमिशन
एमसीआई की ओर से इस शैक्षणिक सत्र की मंजूरी मिलती है तो 100 सीटों पर एडमिशन होगा। इसका फायदा डॉक्टरी करने की चाहत रखने वाले यहां के कई युवाओं को मिलेगा जो मेडिकल शिक्षा की परीक्षा पास कर यहां एडमिशन ले सकेंगे। इसका दूसरा फायदा यहां के लोगों को मिलेगा, जब पांच साल तक एमबीबीएस करने के बाद पहला बैच निकलेगा तो जिले के अस्पतालों में खाली पड़े कई डॉक्टरों के पद भर जाएंगे और मरीजों को राहत मिलेगी।

इस सत्र से नए मेडिकल कॉलेज को शुरू करने की तैयारी पूरी है। एमसीआई की टीम ने भरतपुर और चुरू मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर लिया है। डूंगरपुर सहित पांच मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने के लिए कभी भी आ सकती है। 30 मई तक प्रदेश में कौनसे मेडिकल कॉलेज शुरू होंगे, यह एमसीआई के अनुसार फाइनल होगा, लेकिन हमने प्रथम फेज के लिए जितनी भी जरूरतें हैं, उनको पूरा करने की तैयारी कर ली है। - बचनेश अग्रवाल, अतिरिक्त निदेशक मेडिकल एजुकेशन

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