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जिले में 4 करोड़ रुपए बचाकर टॉप तीन में रहा डिस्कॉम

3 वर्ष पहले
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स्वच्छता, जल स्वावलंबन के बाद अब डिस्कॉम में भी सबसे कम लॉसेस रहकर अजमेर लेवल में टॉप तीन में डूंगरपुर जिले ने अपना स्थान बनाया है। जिले में करीब 4 करोड़ से अधिक का राजस्व लाभ हुआ है।

राज्य की पांच डिस्कॉम कंपनियों को बिजली की बचत और लॉसेस कम करने के लिए लक्ष्य दे रखा है। इससे उनके वित्तीय घाटे को कम करने के लिए हमेशा दबाव रहता है। इसके लिए डिस्कॉम लेवल पर विशेष अभियान भी संचालित किया गया था। इसमें मुख्यमंत्री बिजली बचत योजना के नाम से चलाया था। इस योजना में कुछ क्षेत्र प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को देकर लक्ष्य तय किया गया था। इस योजना में भी सार्थक परिणाम दिखे थे। अब इसी योजना में जिले ने अच्छा प्रयास करके अपने आप को टॉप तीन में स्थान बनाया है। जिले के अधीक्षण अभियंता एनएल सालवी ने बताया कि जिलेभर में बिजली के लॉसेस कम करते हुए डिस्कॉम को 4 करोड़ का फायदा दिया है। इस फायदे को लॉसेस के आधार पर देखने पर दी गई बिजली का 100 प्रतिशत रिकवरी प्राप्त हुई है। जिससे डिस्कॉम को पूरे मामले में लाभ देते हुए डूंगरपुर को आगे रखने में कामयाब हुए है। डूंगरपुर से आगे राजसमंद और भीलवाड़ा क्षेत्र रहे हैं।

टीएंडडी लॉसेस में 12.48 प्रतिशत रहा, जो अब तक का सबसे कम है, डिस्कॉम में मानक 10 प्रतिशत माना है लॉसेस

साबला, आसपुर, डूंगरपुर ग्रामीण सब डिविजन में अभी भी सुधार की आवश्यकता

साबला में वर्ष 2017-18 में लॉसेस 22.83 प्रतिशत है। जो गत वर्ष से एक प्रतिशत ज्यादा है। यहां पर रिकवरी भी 99.42 प्रतिशत रही। जिससे इस सब डिविजन को करीब 25.41 लाख का घाटा हुआ है।

आसपुर सब डिविजन का आता है। यहां पर टीएंडडी लॉसेस 18.67 प्रतिशत है। इसमें रिकवरी 99.82 रही। राजस्व लाभ 5 लाख का ही रहा।

डूंगरपुर ग्रामीण : सब डिविजन में लॉसेस के मामले में जिले में तीसरे स्थान पर है। पूरे सब डिविजन में 18.37 प्रतिशत लॉसेस रहा। गत वर्ष की तुलना में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है।

इंड्रस्ट्रियल एरिया नहीं होने के बावजूद स्थिति बेहतर

टीएंडडी लॉसेस में बेहतर स्थान प्राप्त करने वाले भीलवाड़ा और राजसमंद में अधिकांश उपभोक्ता इंड्रस्ट्रियल एरिया वाले है। यहां पर करीब 65 प्रतिशत बिजली बड़े उद्योग को जाती है, जिससे बिजली की छीजत नहीं के बराबर होती है। वहीं उनसे बिलिंग भी सीधे होती है, जिससे लॉसेस बहुत कम रहते हैं।

गत वर्ष से सुधरा बिजली का स्तर

वर्ष 2015 में टीएंडडी लॉसेस करीब 19.38 चल रहे थे। इसमें सुधार करते हुए वर्ष 2016-17 में लॉसेस 13.52 प्रतिशत तक पहुंचे। इस वर्ष इसमे सुधार करते हुए लॉसेस 12.48 प्रतिशत तक पहुंचे हैं। इसके लिए डिस्कॉम ने 100.26 प्रतिशत रिकवरी कर चुका है। इससे डिस्कॉम को गत वित्तीय वर्ष में जिले से 4 करोड़ का राजस्व फायदा हुआ है।

भास्कर नॉलेज

डिस्कॉम में टीएंडडी लॉसेस

प्रसारण और वितरण की छीजत(टीएडंडी लॉसेस) को डिस्कॉम में मुख्य आधार माना जाता है। विद्युत उत्पादन कंपनी की ओर से जिले में 1 लाख यूनिट बिजली दी जाती है। इसमें डिस्कॉम की ओर से 90 प्रतिशत बिलिंग कर रिकवरी करने पर उस क्षेत्र में लॉसेस 10 प्रतिशत मानते हैं। ऐसे में डिस्कॉम की ओर से मानक 10 प्रतिशत लॉसेस रखा जाता है। जिसमे बिजली की लम्बी लाइने, ट्रिपिंग और गुणवत्तायुक्त बिजली के कारण 10 प्रतिशत लॉसेस मानती है।

टीएंडडी लॉसेस में डूंगरपुर टॉप थ्री में आता है। यहां पर बिजली देने के बाद रिकवरी अच्छी है। इस कारण डिस्कॉम को करीब 4 करोड़ का फायदा हुआ है। -एनएल सालवी, एसई डूंगरपुर

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