मनरेगा कर्मियों की एक पखवाड़े से चल रही हड़ताल के समर्थन में पंचायतों के सरपंच भी उतर गए हैं। सरपंच संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित कर समर्थन की घोषणा करते हुए पंचायतों पर तालेबंदी की चेतावनी दी है।
इधर, मनरेगा कर्मियों की एक बैठक सोमवार को हुई। शहर के नवा महादेव शिवालय में हुई बैठक में जिलाध्यक्ष सूर्यप्रकाश चौबीसा ने कहा कि मनरेगा कर्मचारियों के ग्रामीण विकास में सहयोग को देखते हुए उनकी भावनाओं का सम्मान सरपंच संघ ने किया है। सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष सुरमाल परमार ने इसे लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है। इसमें बताया है कि मनरेगा कर्मचारियों को कनिष्ठ लिपिक 2013 भर्ती में समायोजित किया जाए। साथ ही एसएसआर भर्ती 2013 को फिर से शुरू कर संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए। महानरेगा कर्मचारियों की इन दोनों जायज मांगों को नहीं माना गया तो सरपंच संघ महानरेगा संविदा कार्मिकों का समर्थन करते हुए अनिश्चितकाल तक सरकारी योजनाओं का बहिष्कार करेगा। साथ ही ग्राम पंचायतों पर तालेबंदी की जाएगी। चौबीसा ने कहा कि संयुक्त कर्मचारी महासंघ की ओर से भी समर्थन मिल गया है। उन्होंने कहा कि जिलाध्यक्ष वीरभद्रसिंह, महामंत्री धनेश्वर पंड्या, राजस्थान नर्सेज संघ के जिलाध्यक्ष बंशीलाल कटारा ने समर्थन दिया। मनरेगा संघ की ओर से निर्णय लिया गया कि मंगलवार को सभी उदयपुर में प्रस्तावित संभाग स्तरीय रैली में शामिल होंगे। बाडमेर के मनरेगा कर्मी ओमप्रकाश भील की आत्महत्या से मौत पर दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
डूंगरपुर। नवा महादेव शिवालय में हुई बैठक में मौजूद मनरेगा कर्मचारी।
श्रमिकों की संख्या में गिरावट...
इधर, मनरेगा कर्मचारियों की हड़ताल के चलते श्रमिकों की संख्या में गिरावट बनी हुई है। पिछले साल दो लाख श्रमिकों की तुलना में इस बार मई माह में केवल एक लाख 31 हजार श्रमिक ही बचे हैं। हालांकि इसके लिए भीषण गर्मी को भी जिम्मेदार बताया जा रहा है, लेकिन 75 हजार के करीब श्रमिकों की संख्या में कमी आना योजना के लिए संकट का विषय भी है।