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किसानों को खेती के साथ मिलेगा व्यापार करने का अवसर

3 वर्ष पहले
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किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कृषि विपणन बोर्ड प्रयास कर रहा है। किसानों को अब खेती के अलावा स्वयं का व्यापार करने के लिए फसलोत्तर प्रबंधन, मूल्य संवर्धन मशीन, उपकरण अनुदान एवं प्रदर्शन योजना शुरू की है।

योजना के तहत काश्तकारों को अब कृषि उपकरण की खरीद पर 50 प्रतिशत का अनुदान मिलेगा। योजना का क्रियान्वयन कृषि उपज मंडी समितियों के माध्यम से कृषि विपणन बोर्ड की ओर से किया जाएगा। जहां बोर्ड में पंजीकृत मशीन, उपकरण निर्माता या अधिकृत विक्रेताओं से मोल भाव तय कर फसलोत्तर प्रबंधन एवं मूल्य संवर्धन मशीन व उपकरण क्रय करने पर अनुदान दिया जाएगा।

डूंगरपुर। ग्रीन हाउस में लगाई गई खीरे की फसल।

लॉटरी निकाल किया जाएगा चयन

योजना के तहत यदि मशीन और उपकरणों की मांग अधिक या मंडी को आवंटित मशीन व उपकरणों की संख्या कम रहती है तो ऐसी स्थिति में गठित कमेटी की ओर से लॉटरी निकाल पात्र कृषकों को लाभ दिया जाएगा।

योजना के 4 प्रमुख उद्देश्य

किसानों को जिन्स के फसलोत्तर प्रबंधन व मूल्य संवर्धन के तरीकों की जानकारी देना

जिन्स को प्रसंस्कृत कर मंडी में बेचने को प्रोत्साहित

कृषि उत्पादों का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना, फसलोत्तर हानियों को कम करना

किसानों को खेती के साथ ही व्यापार की संभावना पैदा कर रोजगार को बढ़ावा देना

व्यापार से किसानों के आय के संसाधन बढ़ेंगे

इस योजना से पहले काश्तकार अच्छे मुनाफे की चाह में मानसून पर निर्भर रहता था। यदि मानसून मेहरबान भी रहा तो मंडी में लाई गई फसल का सही दाम नहीं मिलने के कारण लाभ प्राप्त नहीं कर पाता था। ऐसे में इस योजना के शुरू होने के बाद से अब किसान कृषि के साथ व्यापार भी शुरू कर लाभ ले सकेगा।

इस तरह मिलेगा अनुदान

योजना के तहत इच्छुक व चयनित कृषक लाभार्थी को पंजीकृत निर्माता या अधिकृत विकेता से मशीन व उपकरण खरीदने से पहले मंडी सचिव को जमा बंदी की नकल, बैंक पासबुक की फोटो कॉपी के साथ स्वयं की पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड सहित प्रार्थना पत्र देना होगा। इसके बाद मंडी स्तर पर गठित कमेटी की ओर से पात्र कृषकों का चयन किया जाए। कमेटी की ओर से आवंटित बजट की सीमा में कमेटी के निर्णयानुसार पात्र कृषकों को मशीन व उपकरण खरीदने की अनुमति दी जाएगी। लाभार्थी काश्तकार किसी भी पंजीकृत निर्माता या अधिकृत विक्रेता से मशीन व उपकरण की पूरी कीमत चुका कर खरीदने के लिए स्वतंत्र होगा।

काश्तकार खुद भी खरीद सकेगा खेती के उपकरण

बोर्ड की ओर से मशीन या उपकरण की कीमत निर्धारित नहीं होने से काश्तकार किसी भी कीमत मशीन की खरीद कर सकेगा। किसान की ओर से खरीदी गई मशीन या उपकरण के 15 दिन में संबंधित ग्राम पंचायत के कृषि पर्यवेक्षक की ओर से भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट मंडी कमेटी को देगा। पर्यवेक्षक की रिपोर्ट के बाद मंडी प्रशासन काश्तकार के बैंक खाते में खरीद का 50 प्रतिशत अनुदान राशि जमा कर भुगतान करेगी। योजना के तहत प्रदेश में कुल 15 सौ मशीन व उपकरण किसानों को दिए जाने है। किसानों को 5 करोड़ 14 लाख 50 हजार रुपए का अनुदान दिया जाएगा।

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