वागड़ विभा साहित्य एवं कला संस्थान कला जगत की नवोदित प्रतिभाओं को भी उचित मंच उपलब्ध कराएगा। संस्था की ओर से वार्षिक कार्ययोजना तैयार की गई। यह निर्णय रविवार को ब्रह्मस्थली कॉलोनी में वागड़ विभा के अध्यक्ष राजकुमार कंसारा की अध्यक्षता में हुई।
संस्थान की कार्यसमिति की बैठक में निर्णय लिया लिया गया कि कला एवं साहित्य के क्षेत्र में आयोजित की जाने वाली गतिविधियों पर चर्चा होगी। वागड़ विभा की ओर से स्कूली बच्चों को वाद्य यंत्र बजाने में प्रशिक्षित करने के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विशेषज्ञों द्वारा हारमोनियम, तबला, ढोलक, बांसुरी, परंपरागत वाद्य यंत्र वादन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही नाट्य विधा से नई पीढ़ी को जोड़ने के उद्देश्य से हिन्दी एवं वागड़ी में नाट्य मंचन का निर्णय भी लिया गया। बैठक में वागड़ विभा द्वारा वर्ष पर्यन्त आयोजित की जाने वाली मासिक काव्य गोष्ठियों की तिथियां भी तय की गई। साथ ही काव्य संकलन प्रकाशन पर भी विस्तार से विचार विमर्श कर शीघ्र ही इसके प्रकाशन का निर्णय लिया गया। काव्य गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। गीतकार हेमंत शर्मा, गज़लकार सुनील मेहता ‘सहर’, वरिष्ठ साहित्यकार सत्यदेव पंचाल ‘सत्येश’, तरूण शावड़े, राजकुमार कसारा, जयेश शर्मा ‘जय’, विशाल पंचाल आदि ने रचनाएं पेश की।
डूंगरपुर। वार्षिक कार्ययोजना बनाते वागड़ विभाग संस्था के सदस्य।