जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से सोमवार को कई गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पूर्णकालिक सचिव नीलम शर्मा ले बताया कि राजस्थान देवल, रतनपुरा, रेंटा गांवों में जागरूकता को लेकर शिविर आयोजित किए गए। पीएलवी राकेश कोटेड ने देवल, सुरेश कुम्हार ने रतनपुरा और अनिल कुमार यादव ने रेटा में शिविर आयोजित किए। इसमें बताया गया कि लड़की की उम्र 18 साल और लड़के की उम्र 21 साल से कम होने पर शादी कराई जाती है तो बाल विवाह माना जाएगा। यह कानूनन अपराध है। बाल विवाह में शामिल होने वाले पंडित, बाराती, घराती, लड़के और लड़की के माता-पिता सबको बाल विवाह करवाने के जुर्म में सजा भी हो सकती है। उन्होनें बताया कि कम उम्र में बच्चों की शादी कर देने से उनके स्वास्थ्य, मानसिक विकास, खुशहाल जीवन पर खराब असर पड़ता है। कम आयु में शादी करने से पूरे समाज में पिछड़ापन आता है जो अंतत: समाज की प्रगति में बाधक बनता है।
सभी लोगों को पेम्फलेट वितरित कर बाल विवाह न करवाने और रोकने के लिए शपथ दिलाई गई। पीएलवी ने बताया कि 14 जुलाई को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें लोक अदालत के माध्यम से न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का राजीनामा से निस्तारण किया जाएगा। इससे पक्षकारों के धन और समय की बचत होती है।