इन्हीं कर्मचारियों की मजबूत कार्यशैली के कारण पिछले 13 सालों में जितने भी कलेक्टर रहे दिल्ली के विज्ञान भवन में होने वाले कार्यक्रम में डूंगरपुर नंबर वन का खिताब लेते रहे। फिर भी किसी कलेक्टर ने नींव की ईंट के रूप में काम करने वाले कर्मचारियों के बारे में सरकार से पैरवी नहीं की।