‘’हर जज्बात को जुबां नहींं मिलती... हर आरजू को दुआ नहीं मिलती
हर जज्बात को जुबां नहीं मिलती, हर आरजू को दुआ नहीं मिलती, हसते रहो तो दुनिया रहती है साथ, आंसू को आंख में पनाह नहीं मिलती। विद्यानिकेतन माध्यमिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में बाल प्रतिभाएं एवं प्रतिभाओं ने अतिथियों एवं श्रोताओं का मनमोहा।
डा. अंबेडकर जयंती पर विद्यानिकेतन माध्यमिक विद्यालय चीखली का वार्षिकोत्सव शनिवार देर रात कुआं गांव में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिपालसिंह राठौड़ ने की। मुख्य अतिथि थानाप्रभारी मुकेश कुमार मेघवाल, सरपंच शर्मिला देवी, उपसरपंच नीपा देवी, भगवानलाल डामोर, मनोज पंचोरी, गणेशलाल पाटीदार, त्रिलोकेश्वर सिंह, नरपतसिंह पंवार, देवेंद्रसिंह चौहान विशिष्ट अतिथि थे।
स्वागत संस्थाप्रधान रामसिंह राठौड़, अमृतलाल पाटीदार, वेलचंद पाटीदार, अमृतलाल पाटीदार ने किया। वक्ताओं ने डा. भीमराम अंबेडकर के जीवन से प्रेरणा लेने और स्कूल की उपलब्धियां बताई।चीखली के देवेन्द्र सिंह चौहान ने अपने पिता की स्मृति में मयूर राजसिंह और प्रिंस पाटीदार को 2100 और 1100 रुपए देकर हौंसला बढ़ाया। कई भामाशाहों ने विकास के लिए पचास हजार से भी अधिक राशि का सहयोग प्रदान किया। संचालन आयुषि, मनीषा, गिरवरसिंह ने किया।आभार ईश्वरलाल सोवडा व धमेंद्रसिंह ने जताया।
देर रात कुआं गांव में विद्यानिकेतन माध्यमिक स्कूल के वार्षिकोत्सव का आयोजन हुअा, सामुदायिक भवन की घोषणा
डूंगरपुर. विद्यानिकेतन माध्यमिक स्कूल में वार्षिकोत्सव में प्रस्तुति देते छात्राएं।
डूंगरपुर. विद्यानिकेतन माध्यमिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में मौजूद अभिभावक।
छात्रों ने दी रंगारंग प्रस्तुतियां
छात्रों ने सरस्वती वंदना, गणेश वंदना.., राधा कैसे न जले..,जादूगर का जादू..., बुमरो-बुमरो..., हाड़ीरानी की कहानी..,पैसा बोलता है..., कथकली मेर ढोलणा..., ये जनता की है पुकार बंद करो ये भष्ट्राचार.., दुनिया चले ना श्री राम के बीना...,भगत के वश में है भगवान...., ये मेरा देश है रंगीला..., आओ बच्चे तुम्हें दिखाए... नाटक, गीत, कविता, व्यायाम योग, घोष के साथ सूर्य नमस्कार, पिरामिड दंड, कवि सम्मेलन में छात्रों ने.. इंतहा पर इंतहा होती रही, जिंदगी पर जिंदगी रोती रही, जागकर भी क्या करेगा आदमी, अगर किस्मत ही उसकी सोती रही। जो बाते बीत गई आज नहींं ं होती..। दोस्ती पैसों की मोहताज नहीं होती। हम दोस्ती पुरी निभाना जानते हैं कि प्रस्तुति दी।