पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • जलदाय मंत्री के जिले में विभाग के सभी उच्च पद खाली

जलदाय मंत्री के जिले में विभाग के सभी उच्च पद खाली

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जलदाय विभाग के राज्यमंत्री का दर्जा जिले को हासिल है इसके बावजूद यहां पर पिछले डेढ़ वर्ष से एसई और एईएन के पद खाली चल रहे हैं। ऐसे में पिछले माह प्रमोशन की लिस्ट आने के बाद एक्सईएन के पद पर कार्यरत अधिकारी भी झुंझुनूं चले गए।

ऐसे में अब जिले में अधीक्षण अभियंता (एसई), अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) और सहायक अभियंता शहर का पद रिक्त हो गया है। इसके साथ ही टीए टू एक्सईएन का पद भी खाली हो चुका है। ऐसे में पूरा जिला अब जेईएन और ग्रामीण एईएन के भरोसे चल रहा है। जिससे आने वाले चार माह तक पानी की किल्लत बढ़ने पर परेशानी आम जनता को उठानी पड़ेगी। यहां पर कई नई योजना पर कार्य चल रहा है। वही पुरानी योजनाओं में मॉनिटरिंग का काम भी चल रहा है। हैंडपंप अभियान, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान और डी सोलराईजड पंपसेट योजना चल रहा है। ऐसे में अधिकारियों के पद रिक्त होने से परेशानी ज्यादा बढ़ेगी। तीन वर्ष पूर्व जलदाय विभाग के ऑफिस को प्रमोट करते हुए एसई लेवल का पद भरा गया था। जिस पर कार्यरत एक्सईएन हस्नुद्दीन पठान को पहला एसई बनाया गया था। वर्ष 2016 में उनका स्थानांतरण बांसवाड़ा हो गया। इसके बाद दो माह के लिए सुधीर मिश्रा एसई के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने भी जयपुर में अपना तबादला करवा दिया।

डेढ़ वर्ष से एसई और शहर एईएन पर नहीं मिली नियुक्ति, मंत्री बोले- इसी माह भर दिए जाएंगे पद

15 लाख की आबादी में 80 प्रतिशत पेयजल योजना पीएचईडी के भरोसे

जिले में पीएचईडी विभाग की ओर से जिला मुख्यालय पर अधीक्षण अभियंता कार्यालय(वृत्त), एक्सईएन कार्यालय, डूंगरपुर, सागवाड़ा, आसपुर, बिछीवाड़ा और सीमलवाड़ा में एईएन ऑफिस स्वीकृत है। जिससे कुल 15 लाख आबादी में से 80 प्रतिशत आबादी को जलदाय विभाग योजना के माध्यम से पेयजल उपलब्ध करा रहा है। शेष ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप योजना से पानी दिया जाता है। यहां पर फिलहाल सोमकमला बांध से पेयजल लाने, कड़ाणा बांध से पानी चौरासी तक लाने और बेणेश्वर धाम से पानी सागवाड़ा तक लाने का प्रयास चल रहे है। ऐसे में जिले के उच्च पद खाली रहने से योजना के निर्माण और मॉनिटरिंग में परेशानी होगी।

एक्सईएन का प्रमोशन हुआ था। जिसके कारण वो चले गए। एसई और अन्य पद खाली चल रहे हैं, जिसकी जानकारी है। ट्रांसफर से रोक हटा दी गई है। इन सभी पदों को इसी माह भर दिया जाएगा। जिसके बाद परेशानी नहीं होगी। -सुशील कटारा, राज्यमंत्री पीएचईडी डूंगरपुर।

प्राइम इंफो

एसई: डेढ़ वर्ष से खाली

एक्सईएन: पंद्रह दिनों से खाली

टीए टू एक्सईएन: पंद्रह दिनों से खाली

शहर एईएन: डेढ़ साल से खाली

सीमलवाड़ा एईएन को एक्सईएन का चार्ज

एसई पद पर पंद्रह दिन पहले जारी सूची में भरतपुर के महेश बंशीवाल का नाम जारी हुआ था। जिन्होंने अभी तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इसी मध्य एक्सईएन हरिसिंह लोढ़ा का पदोन्नत होकर झुंझनू चले गए। जिसके बाद सीमलवाड़ा एईएन जयंतीलाल मोची को जबरदस्ती एक्सईएन का कार्यभार सौंप दिया है। वहीं शहर एईएन का कार्य डेढ़ साल से जेईएन को दे रखा है। जिसके कारण शहर में सिर्फ दो जेईएन ही कार्य संभाल रहे हैं।

खबरें और भी हैं...