खनन विभाग ने रविवार देर शाम बजरी माफिया के खिलाफ अभियान शुरू किया। अचानक हुई छापेमारी से हड़कंप मच गया।
माइनिंग सुपरवाइजर महेश मीना ने बताया कि देर शाम दोवड़ा में एक डंपर पकड़ा गया है। देर रात तंक डंपर को छोड़े जाने के लिए दबाव शुरू हुआ तो गश्ती दल ने फोन ही बंद कर दिए। इधर, गश्ती दल शाम करीब 7 बजे से ही पुनाली, नरणिया, दोवड़ा के बीच मुख्य मार्गों पर नजर बनाए हुआ था।
इसकी वजह यह थी कि सोम नदी से निकलने वाली बजरी को बांसवाड़ा और डूंगरपुर तक लाने के लिए इन तीनों में से किसी एक गांव तक पहुंचना जरूरी है। ठीक 8 बजे जैसे ही डंपर दोवड़ा की ओर से आता दिखा उसे सीज कर लिया गया। डंपर को दोवड़ा थाने में रखवाया गया है। वहीं पुलिस के गश्ती दल भी पुनाली के आसपास नजर बनाए हुए थे। बुधवार मध्य रात चार डंपर पकड़े जाने के बाद कार्रवाई को रोक दिया गया था, जिससे माफिया बेपरवाह हो जाए। हुआ भी यही। तीन रात बाद फिर से जैसे ही छापे मारे गए, वाहनों के मालिक रास्ता बदलने लगे। गश्ती दलों ने भी अपने वाहन छुपाकर रखे थे, जिससे उन पर दूर से नजर नहीं पड़े।
हालांकि खनन, प्रशासन और पुलिस कोई भी सोम नदी के पैंदे को खोखला करने वाले खनन माफिया की कमर तोड़ने में नाकाम है और इसकी बड़ी वजह डर है। अधिकारियों को नदी क्षेत्र में दाखिल होते ही मारपीट का डर बना हुआ है, इसी कारण आरएसी बटालियन के आने तक ऐसी किसी बड़ी कार्रवाई की संभावना नहीं है। इधर, रातभर गश्ती दलों की निगरानी जारी थी और सुबह तक और भी डंपर पकड़े जा सकते हैं।