डूंगरपुर। राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम ने गर्मी की छुट्टियों में कराए जा रहे आवासीय प्रशिक्षणों का विरोध किया है। जिलाध्यक्ष विष्णु कटारा ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर चार चरणों में शुरू होने जा रहे है। इसमें सरकार की विभिन्न योजनाएं बनाकर शिक्षकों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान सुबह 7 से 8 बजे तक और शाम को 8 से 9 बजे तक बायोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति लेना न्याय संगत नहीं है। इस भीषण गर्मी में पंखे, कूलर, पीने के पानी और शौचालय की पर्याप्त संख्या में व्यवस्था नहीं होने से कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। सरकार प्रशिक्षणों के नाम पर बेवजह करोड़ों रुपए की फिजूलखर्ची कर रही है। इन प्रशिक्षणों में विशेष रूप से महिलाओं का ठहराव नैतिक भी नहीं है। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि प्रशिक्षणों के दौरान किसी शिक्षक के साथ कोई दुर्घटना होती है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। ऐसे में शिविरों को तत्काल गैरआवासीय किया जाए।