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गौरव पथ बनाने की डेटलाइन के 15 दिन बचे, अभी काम ही शुरू नहीं किया

3 वर्ष पहले
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बोरी गांव की दो हजार की आबादी अहमदाबाद मार्ग तक रोजाना आना-जाना करती है, लेकिन स्थिति यह है कि पहुंच सड़क बनाने की तय अवधि के 15 दिन बचे हंै और अब तक निर्माण शुरू तक नहीं हो सका है।

डूंगरपुर शहर से गुजर रहे अहमदाबाद हाईवे पर उदयपुरा बस्ती है। इस बस्ती से बोरी गांव तक पहुंच के लिए एक किलोमीटर की सड़क एक दशक से भी ज्यादा समय पहले बनी थी। इस बीच अब तक सड़क पूरी तरह तार-तार हो चुकी है। डामर नदारद है और जहां बचा है वह भी बड़े पैबंद की तरह ही दिखाई दे रहा है। बोरी गांव से कई सौ लीटर दूध रोजाना सुबह डूंगरपुर शहर में पहुंचता है। ऐसे में सुबह होने से पहले ग्वालों की दौड़ अंधेरे में ही शुरू हो जाती है। सड़क पर बड़े गड्ढ़े और इसके किनारे ऊंची-ऊंची खाई दुर्घटना का कारण बनी रहती है। उल्लेखनीय है कि कई बार बड़ी दुर्घटनाएं भी हो चुकी है। एक बार तो ट्रैक्टर ही नाले में गिरने से चालक की मौत हो गई थी। दुर्घटनाएं ज्यादातर रात के अंधेरे में होने से सुबह ही वाहनों को नाले से बाहर निकाला जाना संभव होता है। इन समस्याओं को देखते हुए पिछले साल इसी एक किलोमीटर के नवनिर्माण के लिए 40.50 लाख रुपए की स्वीकृति जारी हुई थी। पूरे काम में लापरवाही इस हद तक रही कि काम शुरू हुए बिना ही मौके पर शुरू होने की जानकारी वाला बोर्ड विभाग की ओर से लगवा दिया गया। विभाग ने कार्य की शुरूआत एक दिसंबर 2017 होने की जानकारी बोर्ड पर दर्ज कर रखी है। उसी बोर्ड में कार्य समाप्ति की डेटलाइन 30 मई 2018 दर्ज है जो जिसमें गिनती के 15 दिन भी नहीं बचे। ऐसे में साफ है कि विभाग काम किए बिना ही कार्य पूर्ण होने की जानकारी भी बोर्ड लगाकर दर्ज करा चुका है जो प्रथम दृष्टया तो सीधे-सीधे बड़ी लापरवाही को बयान कर रहा है।

अहमदाबाद मार्ग से बोरी पहुंच सड़क निर्माण 30 मई तक कार्य पूरा नहीं होने से 2 हजार की आबादी प्रभावित, सड़क गड्‌ढों में तब्दील

एप्रोच सड़क पर कॉलेज के बाहर बने बड़े बड़े गड्ढे।

आबकारी थाने और फिल्टर प्लांट जैसे जरूरी भवन

उल्लेखनीय है कि इसी एक किलोमीटर पहुंच सड़क पर शहर का आबकारी थाना भी स्थित है। साथ ही थाने से पहले शहर में पानी सप्लाई का बोरी प्लांट भी यहीं बना हुआ है। एक कॉलेज और स्कूल परिसर भी इसी मार्ग पर पड़ते है। ऐसे में बोरी पंचायत की दो हजार की आबादी के साथ ही कॉलेज स्कूल के करीब दो हजार छात्र-छात्राएं, 30 आबकारी विभाग के कर्मचारी, बोरी प्लांट पर आने वाले नियमित तकनीकी कर्मियों की आवाजाही 12 महीने बनी रहती है। ऐसे में सड़क की जरूरत का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।

झूठी जानकारी बोर्ड पर दी: समय से पहले बता दिया काम पूरा हाे गया

पैकेज में 10 से 15 सड़कें हंै। वर्तमान में देवल काम चल रहा है। वहां से आते हुए काम शुरू कर देगा। इसी सप्ताह काम शुरू हो जाएगा। फिर भी समय पर पूरा नहीं किया तो पैनल्टी लगाई जाएगी। हरीश रोत, एईएन, पीडब्ल्यूडी

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