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हैंडपंपों में पानी का स्तर 300 फीट नीचे पहुंचा भूमिगत जल का सर्वे करने वाले अधिकारी ही नहीं

3 वर्ष पहले
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गर्मी का मौसम, तापमान 42 डिग्री तक, तालाब और नाले भी सूख चुके हैं। हैंडपंप में भी पानी का लेवल 300 फीट तक नीचे चला गया है। लगातार 15 मिनट तक हैंडपंप को चलाने के बाद ही पानी कहीं से ऊपर आता है, और नहीं आया तो ठीक है, पानी भरने वाले लोगों को दूसरा जुगाड़ करना है।

यह स्थिति जिले के सीमलवाड़ा और चौरासी क्षेत्र में ज्यादा है। इसके साथ ही डूंगरपुर से 15 किमी के दायरे में आने वाले हीराता, आंतरी, लोलकपुर गांवों में है। यहां पर पानी की किल्लत के कारण ग्रामीण सुबह ही या फिर रात्रि को हैंडपंप चलाकर 24 घंटे के पानी का जुगाड़ कर देते हैं। जैसे ही दिन खुलता है और गर्मी पड़नी शुरू हो जाती है तो पानी का लेवल नीचे चला जाता है।

हैरानी की बात तो यह है कि भूमिगत जल का लेवल जांचने वाले महकमे में कोई अभियंता और अधिकारी ही डूंगरपुर में नहीं हैं। मात्र एक चपरासी के भरोसे ही इस दफ्तर की चाबियां हैं। एक एक्सईएन ओर एक एईएन कार्यरत थे, लेकिन 15 दिन पहले ही इनका प्रमोशन हो गया है, ये दोनों ही जिला छोड़ चुके हैं। ऐसे में फिलहाल चपरासी ही ऑफिस को खोलकर साफ-सफाई कर देते हैं और फिल ताला लगाकर बाहर बैठते हैं।

डूंगरपुर. बांसड़वाड़ा क्षेत्र में हैंडपंप से पानी भरते हुए बच्चे।

पानी की समस्या को दिखाने वाली दो तस्वीर : आधे घंटे में भरती है बाल्टी, विभाग का 8 दिन में ठीक करने का दावा

ये तस्वीर शहर के बांसड़वाड़ा क्षेत्र की है। ये जगह सामान्य धरातल से ऊंचाई पर है ओर हैंडपंप में भी पानी का लेवल अब नीचे चला गया है। दोपहर के समय ये बच्चे पानी भर रहे हैं, क्योंकि इस समय हैंडपंप पर पानी भरने वालों की संख्या बहुत ही कम होती है। हालांकि सुबह और शाम को भीड़ लगती है।

यह तस्वीर शहर के डिमिया बांध से आने वाले पानी की सप्लाई लाइन का है। शहर के आखिरी छोर घांटी के पास चमनपुरा में जहां से सप्लाई लाइन निकलती है, वहां पर लोग बाल्टी को लटका देते हैं और 30 मिनट में भरने के बाद पानी को अपने घर ले जाते हैं।

दूसरी ओर जलदाय विभाग ने इस बात का दावा किया है कि जिले में 1 लाख 23 हजार हैंडपंप है। पानी की कोई भी किल्लत नहीं है। पंचायतीराज के 1 लाख और पीएचईडी के 23 हजार हैंडपंप है। 12 हजार 300 के आसपास ही हैंडपंप खराब है, जिन्हें 8 दिनों में ठीक किया जाएगा।

डूंगरपुर. पीएचईडी की सप्लाई लाइन पर बाल्टी लगाकर पानी भरते हुए।

वैसे अभी किसी भी गांव में पानी की ज्यादा किल्लत नहीं आई है। पर्याप्त मात्रा में हैंडपंप लगे हुए हैं। फिर भी हम जानकारी जुटा रहे हैं। जहां भी आवश्यकता होगी, वहां टैंकर से सप्लाई करेंगे। - वालचंद यादव, टीए (एसई)

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