फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनाने के आरोपी को 3 साल की कैद
डूंगरपुर | साढ़े आठ साल पहले शराब तस्करी में पकड़े गए आरोपी की ओर से फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनाने के मामले में कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए 3 साल कैद और 8 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योतिपुरी ने मामले में फैसला सुनाया है। मामले में आरोपी दोवड़ा थाना क्षेत्र के घोडी आमली निवासी खेमराज पुत्र वलमजी कलाल को भादंस की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी मानते हुए तीन साल कैद की सजा सुनाई है। गौरतलब है कि 3 जून, 2009 को तत्कालीन थानाधिकारी दोवड़ा कैलाश सोनी ने एक पर्चा कायमी की, जिसमें बताया कि मुखबीर की सूचना पर एक दिन पहले 2 जून को अंग्रेजी शराब बीयर लेकर आते खेमराज नाम के व्यक्ति को पकड़ा था। उसने कुछ समय पहले ही अपना फोटो लगा रमेशचंद्र पुत्र धनजी अहारी निवासी घोडी आमली डूंगरपुर के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। इस पर थाने के पासपोर्ट रजिस्टर के रिकॉर्ड में देखा तो उसमें रमेशचंद्र का नाम दर्ज था। उसमें जो फोटो लगा था वह खेमराज का पाया गया था। पूछताछ में खेमराज ने बताया कि उसने रमेशचंद्र के दस्तावेजों से अपना फोटा लगा फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र बनाकर रमेश के नाम से पासपोर्ट आवेदन किया था। खेमराज ने पासपोर्ट पर करीब 5 साल पहले कुवैत में रिमार्क लगने के बाद वापस भारत आ गया था।
कोर्ट का फैसला