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सौर ऊर्जा से डेढ़ साल में बिजली के बचाए 3 लाख रुपए

3 वर्ष पहले
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डूंगरपुर | नगर परिषद भवन पर सौर उर्जा पैनल लगाकर हर साल खर्च होने वाले बिजली बिल के 3 लाख रुपए बचाए जा रहे है। इसके लिए परिषद ने 17 लाख रुपए का एक बार खर्च जरूर किया है लेकिन यह पांच साल में वसूल हो जाएगा।

नगर परिषद भवन हर माह औसत 15 से 25 हजार रुपए बिजली का बिल चुकाता है। सर्दियों में न्यूनतम 15 हजार और गर्मियों में यह राशि 25 हजार तक जाती है। वहीं बिजली गुल होने की स्थिति में डीजी सेट भी चलता है। इन सभी को मिला ले तो सालाना खर्च करीब 3 लाख रुपए औसत तक पहुंच जाता है। पर्यावरण सुरक्षा और बिजली बचाने के लिए नगर परिषद ने डेढ़ साल पहले बड़ा कदम उठाया था। इसके लिए पूरे परिसर की छत पर सौर उर्जा पैनल लगाए गए थे जिनकी क्षमता 25 किलोवॉट है। 17 लाख रुपए कार्य पर खर्च किए गए थे। गर्मी के सीजन में इसका फायदा मिला। भारी बिजली बिल की समस्या दूर होने लगी है।

बड़े फैसले के कारण : भवन का विस्तार. परिषद भवन का पुराना जीर्णशीर्ण हिस्सा गिराकर उसे नया बनाया बहुमंजीला बनाया गया है। यह भवन पूरी तरह एयर कंडीशनिंग है। ऐसे में बिजली की खपत बढ़ी है। काम और रिकॉर्ड पूरी तरह हाईटेक और डीजिटलाइज्ड कर दिया गया है।। यह भी खपत बढ़ने का बड़ा कारण है।

आरओ प्लांट : नई सब्जी मंडी में लगे प्लांट से रोजाना 25 हजार लीटर पानी 5 रुपए प्रति 20 लीटर बेचा जा रहा है। मौके पर काफी भीड़ पड़ने से अब परिषद परिसर में पुराने शहर की भीड़ को डायवर्ट करने के लिए प्लांट शुरू किया। रोजाना 25 हजार लीटर खपत की क्षमता इस प्लांट की है। इसके संचालन के लिए भी बिजली की जरूरत है।

5 साल में पैसा वसूल : अब तक के बिजली खर्च के अनुसार सालाना 3 लाख के लिहाज से 6 साल में 18 लाख की निगम को भुगतान करना पड़ता है। आरओ प्लांट और नए भवन के विस्तार को मिला दे तो बिल की राशि करीब सवा तीन लाख रुपए सालाना से ज्यादा होगी। ऐसे में सीधे तौर पर सौर उर्जा पर खर्च किए जा रहे 17 लाख रुपए 5 साल में वसूल हो जाएंगे। पांच साल बाद परिषद की जेब से सीधे तौर पर कोई खर्च बिजली बिल के खाते में दर्ज नहीं होगा।

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