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नगर परिषद का बड़ा फैसला, 10 साल से ठेके पर काम कर रहे 15 कर्मचारियों को करेगी स्थाई

3 वर्ष पहले
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नगर परिषद बोर्ड की मंगलवार को हुई बैठक में 10 साल से ज्यादा समय से काम कर रहे अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई करने का प्रस्ताव लिया। प्रस्ताव अब बोर्ड प्रस्ताव को निदेशालय भेजा जाएगा। सभापति केके गुप्ता ने बोर्ड बैठक में कहा कि पूर्व में कुछ कर्मचारियों को नियमित किया गया है। बोर्ड चाहता है कि उसी तर्ज पर 10 साल से अस्थाई व्यवस्था के तौर पर काम करने वाले 15 कर्मचारियों को स्थाई किया जाए। इसमें 13 नाम सफाई विभाग और दो बिजली सेक्शन के शामिल है। उन्होंने कहा कि उपसभापति फखरुद्दीन बोहरा की निगरानी में इन 15 कर्मचारियों की पात्रता का परीक्षण कर लिया जाए। बोर्ड ने इस पर हरी झंडी दे दी। सभापति ने बताया कि प्रस्ताव निदेशालय भेजे जाएंगे। साथ ही 33 सफाई कर्मचारियों की हाल ही में नियुक्ति हुई है। इसमें दो सामान्य वर्ग की महिलाएं थी। उनके साथ अन्य सफाई कर्मचारियों के बदसलूकी किए जाने से एक ने इस्तीफा दे दिया हैं। उसे बोर्ड की सहमति से स्वीकार करना है और साथ ही सभी 33 की भर्ती का अनुमोदन किया जाना है। इस पर नगीनलाल जैन ने भी कहा कि बदसलूकी किए जाने को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

विजय स्कूल भवन की समस्या को लेकर बोर्ड बैठक में कलेक्टर से फोन पर बात करते सभापति और मौजूद सदन।

गांव अब शहर का वार्ड इसलिए दिए जाए भूखंड के पट्टे

सभापति ने कहा कि पुराने शहर में जितने परिवारों ने स्टेट ग्रांट एक्ट के पट्टे मांगे उन्हें जारी किए गए हैं। लेकिन नए शहर में किसी को नहीं दिया, जिससे कोई विवाद नहीं हो। इस पर पार्षद नगीनलाल जैन और नटवर पाटीदार ने कहा कि नवाडेरा, उदयपुरा और राजपुर पहले गांव थे। अब ये शहर के वार्ड है। ऐसे में वहां 500 साल तक पुराने घर है जिन्हें पट्टा दिया जाना चाहिए। पार्षद राजेश चौबीसा ने कहा कि पूर्व बोर्ड ने पट्टे जारी किए गए है।

बोर्ड की बैठक में यह मुद्दें भी आए सामने

पार्षद भूपेश शर्मा ने मैरिज हॉल के निचले भाग को सस्ती दर पर आमजनों के लिए उपलब्ध कराने की बात रखी। इस पर 11 हजार रुपए किराया राशि तय की गई। साथ ही डीजी सेट चलाने के लिए डीजल किराए लेने वाले पक्ष को खुद ही भरवाना होगा। निचला तल किराए भी तभी दिया जा सकेगा जब मैरिज हॉल की बुकिंग नहीं हो।

पार्षद रीटा कुंवर ने कहा कि अशोक नगर में वायर खुले होने से मकानों का निर्माण करने में डर लगता है।

पार्षद भूपेश शर्मा ने गेपसागर की पाल पर हैंडपंप के पानी की निकासी की बात कही।

पार्षद अशोक ने कहा कि विजय स्कूल का भवन खंडहर हो चुका है। उसे लेकर पूर्व में भी प्रयास हुए लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हो सका। सभापति ने कहा कि इसे लेकर कलेक्टर कई बार प्रयास कर चुके है, लेकिन निदेशालय स्तर पर समाधान नहीं हो रहा है। सभापति ने बोर्ड बैठक में ही कलेक्टर से आग्रह किया।

पार्षद किरण ने पूछा कि गौशाला का रजिस्ट्रेशन किया गया है या नहीं। इस पर सभापति ने कहा कि रजिस्ट्रेशन काफी समय पहले सोलंकी साहब के कार्यकाल में हो गया था। साथ ही रेस्क्यू कर गौशाला में छोड़े जाने वाले गौ वंश का नगर परिषद और गौशाला दोनों तरफ इंद्राज किए जाने की मांग रखी। सभापति और आयुक्त गणेश खराड़ी ने जिम्मेदार अधिकारियों से इस बारे में जानकारी ली और नियमित रूप से दोनों तरफ रिकॉर्ड रखने की हिदायत दी।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर खर्च होंगे 5 लाख रुपए

सभापति ने कहा कि बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं अभियान सफल रहा है। ऐसे में इसे अब स्थाई मद के रूप में मानते हुए हर साल 5 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। कुछ पार्षद निश्चित प्रतिशत वाले बच्चों को इसका फायदा दिए जाने की पैरवी कर रहे थे तो कई सरकारी और कुछ निजी स्कूलों के बच्चों को। इस पर काफी देर तक चर्चा चली। बोर्ड ने 5 लाख रुपए का बजट तय कर लिया और फायदा दिए जाने वाले बच्चों की योग्यता का फैसला उपसभापति की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय पार्षदों की कमेटी को सौंपा। साथ ही कोचिंग कक्षाएं सालभर नियमित रूप से चलाने का निर्णय भी बोर्ड ने लिया।

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