शहर के जेल तिराहे को अब सुआ चौक के नाम से पहचाना जाएगा। महापौर चंद्रिका चंद्राकर ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने इसे लेकर पहले बात रखी थी। इसके बाद निगम के तरफ से यह निर्णय लिया गया। चौक का पूरी तरह से सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इस पर करीब साढ़े 12 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।
जेल तिराहे को छत्तीसगढ़ की परंपरा और पहचान सुआ नृत्य का प्रतीक के रूप में विकसित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की लोक कला संस्कृति को विश्व के पटल पर पहचान दिलाने के नाम पर यह शुरुआत की जा रही।