कब्जा हटाए 25 दिन हो गए, नहीं किया व्यवस्थापन, घेरा कलेक्टोरेट
निगम ने पुराना बस स्टैंड क्षेत्र से जिन कपड़ा व जूता-चप्पल व्यापारियों को सड़क किनारे से हटाया, उन्हें कार्रवाई के करीब 25 दिन गुजरने के बाद भी विस्थापन नहीं दिया गया है। इसे लेकर जनता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप मध्यानी के नेतृत्व में व्यापारी विस्थापन की मांग को लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे। उन्होंने जमकर नारेबाजी की।
इधर विधायक अरुण वोरा जोगी नगर व ठगड़ा बांध क्षेत्र के रहवासियों के साथ कलेक्टोरेट पहुंचे। उन्हें निगम द्वारा विस्थापित कर बोरसी में पीएम आवास के तहत बनाए गए आवासों में बसाए जाने की तैयारी की गई है। स्थानीय लोग वहां जाने को तैयार नहीं है। इन दोनों मामलों को लेकर कलेक्टर जनदर्शन में जमकर नारेबाजी हुई। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। अशोक ठाकुर, हिम्मत लाल, सत्य नारायण बाके, तादिर अली, हामिद, शेख आरिफ, राशिद, वाहिद खान आदि मौजूद थे।
जोगी कांग्रेस के नेता प्रताप मध्यानी के नेतृत्व में व्यापारी कलेक्टोरेट पहुंचे।
शराब दुकानों में एटीएम की सुविधा देने की मांग
इधर सामाजिक कार्यकर्ता श्रीसिंह यादव ने शराब दुकानों में एटीएम की सुविधा शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार हजारों बार कहने के बाद भी दुकानें बंद करने को तैयार नहीं है। आलम यह है कि स्वयं अब शराब बेचने लगी। अब कम से कम एटीएम की सुविधा कर कैशलेस व्यवस्था बनाए। ताकि अवैध कारोबार पर अंकुश लग सके और पारदर्शिता आ सके। नियमों की जानकारी भी हो सकेगी।
25 दिनों से सिर्फ गुमराह कर रहा प्रशासन:मध्यानी
जोगी कांग्रेस के नेता प्रताप मध्यानी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कहा कि जल्द ही विस्थापन नहीं दिया गया, तो अब व्यापारियों के साथ वे धरने पर बैठ जाएंगे। इसके बाद की सारी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। पिछले 25 दिनों से केवल आश्वासन देकर गुमराह करने की साजिश निगम के अधिकारी व बैठी शहर सरकार कर रही है। उन्हें इस ओर ध्यान देना चाहिए। यह विषय गंभीर है।
ठगड़ा बांध के रहवासियों के साथ पहुंचे विधायक
कांग्रेस के तरफ से हिंदी भवन से रैली निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में जोगी नगर, ठगड़ा बांध क्षेत्र की रहवासी महिला मौजूद थे। उनके अलावा नेता प्रतिपक्ष लिखन साहू, लीलाधर पाल, राजेश शर्मा सहित अन्य मौजूद थे। वोरा ने इस बारे में आयुक्त एसके सुंदरानी से भी चर्चा की। इस पर आयुक्त के तरफ से कहा गया कि 5 लाख रुपए का मकान 80 हजार रुपए में सरकार दे रही है। इसमें केवल 5 हजार रुपए की राशि पहली किश्त के रूप में देनी है। इससे कब्जेधारियों का स्वयं का मकान हो जाएगा। बावजूद लोग जाने को तैयार नहीं हुए। लंबे समय से वार्डवासी इसका विरोध कर रहे हैं।