प्रगतिशील किसान संगठन ने फसल बीमा योजना में धांधली की शिकायत की है। कृषि विभाग के डायरेक्टर को शिकायती पत्र देते हुए संगठन ने इस मामले की जांच कराने की मांग की है। संगठन के प्रदेश संयोजक राजकुमार गुप्त ने कहा है िक सरकार और बीमा कंपनियों के बीच उपज में कमी की गणना चांवल के रूप में करना है। बीमा कंपनियां करार का उल्लंघन करते हुए धान की कमी की गणना कर बीमा राशि का भुगतान कर रही है।
गुप्ता के नेतृत्व में किसानों ने कृषि विभाग के डायरेक्टर एमएस केरकट्टा को दस्तावेजों के साथ ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा िक बीमा कंपनियों की धांधली की जांच होना चाहिए। किसान संगठन ने सरकार से मांग करते हुए कहा है िक बीमा कंपनी के साथ सरकार के करार का पालन न होने पर आंदोलन किया जाएगा।
डायरेक्टर ने दिया आश्वासन: केरकेट्टा ने किसान संगठन को आश्वस्त करते हुए कहा है कि सरकार किसानों का अहित नहीं होने देगी। इसकी जांच कराई जाएगी।
डायरेक्टर से की मामले की शिकायत।
1200 करोड़ रुपए का होना है भुगतान
फसल कटाई प्रयोग के आंकड़ों के आधार पर प्रदेश के किसानों को रिलायंस कंपनी से 3 सौ करोड़ और इफ्को टोकियो कंपनी से 12 सौ करोड़ रुपए का भुगतान होना है। इस तरह कुल 15 सौ करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया जाना है। दोनों कंपनियों ने पिछले 3 माह में सिर्फ 410 करोड़ रुपए का भुगतान किया है। इसकी जांच की मांग की है।