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713 परिवार ऐसे जो करोड़ों की जमीन पर काबिज, 8 साल से नोटिस और कार्रवाई भी हुई, लेकिन सब बेअसर साबित

3 वर्ष पहले
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शहर में करीब दर्जनभर ऐसी जगह है, जहां नजूल व सिंचाई विभाग की करोड़ों रुपए की सरकारी जमीन पर कब्जे हैं। कब्जे हटाने व बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था के नाम पर शुरू हुई प्रशासनिक कार्रवाई अब थम गई है। कार्रवाई अब तक आधी-अधूरी रही, जिनके कब्जे हटाए गए, वे अब विस्थापन के लिए निगम व कलेक्टोरेट के चक्कर काट रहे हैं, वहीं जिन्हें नोटिस जारी किया गया, वे मौके से हटने को तैयार नहीं है।

जिन जगहों पर कब्जा हटा, वहां पुन: कब्जा भी हो गया। दैनिक भास्कर की पड़ताल में यह खुलासा हुआ है। दुर्ग निगम, सिंचाई विभाग व नजूल विभाग के रिकार्ड खंगालने से यह पता चला है कि 713 घर ऐसे हैं, जहां परिवार अतिक्रमण कर मकान बनाकर रह रहे हैं। ठेले, खोमचे व पक्का निर्माण कर दुकान भी संचालित कर रहे। इधर निगम व प्रशासन ने पिछले दिनों कार्रवाई की है। ये कार्रवाई कितने दिन तक टिकेगी, ये देखने वाली बात है।

जानिए रिकॉर्ड के मुताबिक कहां कब्जे

दुर्ग में लगातार तीन दिनों से अवैध कब्जा तोड़ो अभियान चल रहा है।

वर्ष 2010 में 3 ऐसी मुहिम, जिसके बाद पुन: कब्जा

तितुरडीह स्थित रेलवे लाईन के करीब से करीब 50 कब्जेधारियों को विस्थापित कर आईएचएसडीपी व अटल आवास में बसाया गया। आज रेलवे लाईन के किनारे कब्जा है।

335 ठगड़ा बांध बस्ती

115 ठगड़ा बांध जेल तिराहा सड़क

जेल तिराहा के करीब ठगड़ा बांध से लगे क्षेत्र से कब्जा हटाया गया, उन्हें आईएचएसडी आवास दिए गए, आज 50 लोगों के कब्जे हैं।

110 जोगी नगर

75 न्यू आदर्श नगर नहर

पुराना बस स्टैंड से 62 कपड़ा व जूता-चप्पल व्यापारियों को हटाया गया। उन्हें गंजपारा, अग्रसेन चौक व उद्योग विभाग के पास दुकानें दी गई। पर वहां पुन: कब्जा हो गया।

तितुरडीह रेलवे लाईन-50

हरनाबांधा तालाब- 35

पुराना बस स्टैंड लीज समाप्ति-27

ये होंगे निगम के वेडिंग जोन, असंगठित क्षेत्र को लाभ

निगम ने तय किया है शहर के कुछ हिस्सों को वेडिंग जोन बनाया जाए। जहां ठेले-खोमचे वालों को दुकान लगाने की अनुमति दी जाए। इसके तहत जिला उद्योग कार्यालय, महिला समृद्धि बाजार, साइंस कालेज के सामने, समृद्धि बाजार और सतरूपा शीतला बाजार के बीच खाली जगह, सिंधिया नगर, शक्ति नगर का साप्ताहिक बाजार क्षेत्र, ओम परिसर के पास, गंजपारा जैसी जगहों को चिन्हित किया गया है। वेडिंग जोन में विस्थापित होने वालों को 500 रुपए के शुल्क पर जगह उपलब्ध कराई जाएगी।

नजूल लीज निरस्त, पर कार्रवाई नहीं

11 ऐसी जगह जिन्हें चिन्हित किया गया, नोटिस थमाया

निगम के तरफ से पिछले कुछ समय में करीब 11 ऐसी जगहों को चिन्हित किया गया है, जहां बड़ी संख्या में कब्जे हैं। इनमें 713 को निगम नोटिस भी जारी कर चुका है। इतना ही कुछ जगहों पर कार्रवाई भी की गई।

बैजनाथ पारा तालाब पार-22

बोरसी तालाब पार-17

शनिचरी बाजार क्षेत्र-12

इधर पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में करीब 27 दुकानदारों को पूर्व में लीज जारी किया। यह लीज अवधि समाप्त हो चुकी है, लेकिन अब तक इन पर कार्रवाई नहीं की गई। खास बात यह है कि इन्हें निगम ने नोटिस जारी किया है।

सिर्फ धमधा नाका से हटाया कब्जा रहा सफल

निगम के तरफ से वर्ष 2008 में धमधा नाका से अंजोरा-नेहरूनगर बायपास तक कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान करीब 45 कब्जे हटाए गए। ये कब्जे 35 साल से अधिक पुराने रहे। निगम ने उन्हें आवास दिया।

पोटिया रोड-15

सीधी बात

एसके सुंदरानी, आयुक्त नगर निगम दुर्ग

मैं कैसे बता सकता हूं, ये तो कब्जा करने वाले बताएं

शहर में पहले भी इस प्रकार की कार्रवाई हुई, पुन: कब्जा क्यों।

यह मै कैसे बता सकता हूं, यह तो कब्जा करने वाले ही बता पाएंगे।

11 ऐसे स्पॉट्स हैं, जहां कब्जे हैं, वहां अब तक कार्रवाई क्यों नहीं।

हमारे सर्वे का काम जारी है, हम लगातार ऐसे कब्जेधारियों को चिन्हित कर नोटिस जारी कर रहे हैं।

विस्थापन को लेकर प्रक्रिया धीमी रहती है क्यों।

इसमें पब्लिक के तरफ से मनचाही जगह चाही जाती है, वह संभव नहीं हो पाता।

शहर के तालाब व सड़क किनारे कब्जे रहे, क्या तैयारी है।

हमने पीएम आवास योजना के तहत 5 लाख का मकान महज 80 हजार रुपए में देने की तैयारी की है।

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