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733 छात्रों ने पंचकर्म कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, बताया इलाज भी

3 वर्ष पहले
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जयपुर की राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान ने अपने पहले राष्ट्रीय आयुर्वेद युवा महोत्सव में सात से ज्यादा मिनट तक नस्य कर्म कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज किया है।

इस महोत्सव में देशभर के 1564 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। जहां 733 आयुर्वेद स्टूडेंट्स ने एक साथ और एक समय पर 733 लोगों पर नस्य कर्म किया। पहली बार यहां संख्या बढ़ी है। ‘मोस्ट पीपल रिसीविंग पंचकर्म ट्रीटमेंट’ प्रोग्राम में शहर के गवर्नमेंट आयुर्वेद कॉलेज के स्टूडेंट चंद्रमौलि यादव और निधि चंद्राकर भी शामिल हुए। उन्हें गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में पार्टिसिपेंट सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। चंद्रमौलि और निधि ने बताया कि आयुर्वेद में वर्णित नस्य कर्म में नासा मार्ग से पीड़ित को औषधि दी जाती है, जिसका मुख्य प्रभाव शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ गले से ऊपर होने वाले रोगों में होता है। पंचकर्म से इलाज की इस विधि से नाक में दो बूंद तेल या घी डालकर सर्दी, जुकाम, अस्थमा जैसी बीमारी का इलाज किया जाता है।

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