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मानसून आने के पहले बाढ़ से बचने 80 गांव किए चिन्हित

3 वर्ष पहले
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मानसून से पहले जिला प्रशासन ने प्राकृतिक आपदा से बचाव और राहत की व्यवस्था करने प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिले में बाढ़ की संभावना वाले 80 गांव चिन्हित किए हैं। इन गांवों में ज्यादा बारिश होने और बाढ़ की स्थिति से निपटने और आपदा प्रबंधन के लिए विभागीय अफसरों को सभी तैयारियां करने कहा गया।

कलेक्टोरेट सभाकक्ष में हुई बैठक में कलेक्टर उमेश अग्रवाल ने कहा कि बारिश का सही रिकार्ड नापने की व्यवस्था होना चाहिए। वर्षामापी यंत्र में खराबी होने पर तत्काल मरम्मत का काम कराने के निर्देश दिए गए। अफसरों ने बताया कि बाढ़ की संभावना वाले धमधा ब्लॉक के 34 गांव, दुर्ग ब्लॉक के 29 और पाटन ब्लॉक के 17 गांव शामिल हैं। कलेक्टर ने अफसरों को राहत और बचाव के लिए स्थानीय स्तर पर कमेटी बनाने कहा। कमेटी में स्थानीय कर्मचारियों के साथ जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवक शामिल किए जाएंगे।

बारिश के दौरान जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष के साथ ही तहसील स्तर पर नियंत्रण कक्ष की स्थापना की जाएगी। यहां जिम्मेदार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ से गांवों को बचाने के लिए कई तैयारियां की जाएंगी। बैठक में कलेक्टर के साथ ही अनेक विभागों के अफसर व कर्मचारी मौजूद थे।

तैयारियां

प्राकृतिक आपदा से बचाव और पीड़ितों को राहत देने प्रशासन ने शुरू की तैयारी, मवेशियों के लिए भी खुलेंगे राहत शिविर

बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए निर्देश

मंगलवार को कलेक्टर अग्रवाल ने प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक ली।

बारिश से पहले अभियान चालकर कराएं नालियों की सफाई

शहरी इलाकों के नाली और नाले में पॉलीथिन के कारण इनके जाम होने से बाढ़ की संभावना रोकने के लिए सफाई अभियान चलाया जाएगा। बारिश से पहले गांवों में जर्जर हो चुके सभी शासकीय भवन डिस्मेंटल किए जाएंगे। कलेक्टर ने कहा कि बारिश से पहले संबंधित अफसर अस्थाई राहत शिविर के लिए स्थल चुनें और पानी, बिजली व जरूरी दवाइयों की व्यवस्था करें।

नाला ओवरफ्लो होने पर अब रोकेंगे आवाजाही

नदी-नाला ओवरफ्लो होने पर बैरियर लगाकर लोगों की आवाजाही रोकी जाएगी। वाहनों के फंसने की संभावना के मद्देनजर क्रेन की व्यवस्था रहेगी। जल संसाधन विभाग को तांदुला बांध, खरखरा, गोंदली और मोहंदीपाट जलाशयों के जलस्तर की हर दिन की जानकारी बाढ़ नियंत्रण कक्ष को भेजने कहा गया। नदी के किनारे स्थित बाड़ी और खदानों में कार्यरत श्रमिकों के फंसने की संभावना पर भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए। तीनों निगमों को इसके लिए निर्देश दिए हैं।

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